रेस्तरां में गरीब बच्चों को एंट्री न देने के आरोप सही, सरकार तय करेगी कार्रवाई
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कनॉट प्लेस स्थित शिव सागर रेस्तरां में बैठकर गरीब बच्चों को खाना नहीं खाने देने के आरोप को मजिस्ट्रेट जांच में सही करार दिया गया है।
एसडीएम चाणक्यपुरी ने जो जांच रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सौंपी है, उसमें कहा गया है कि रेस्तरां प्रबंधन व कर्मचारियों ने बच्चों को गरीब और गंदा होने का हवाला देकर रेस्तरां में प्रवेश नहीं दिया।
यह सीधे तौर पर मानवाधिकार और संविधान में मिले मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री को सौंपी गई रिपोर्ट पर अगले दो-तीन दिन में नियमानुसार कार्रवाई संभव है। कार्रवाई क्या होगी, यह अभी तय नहीं है।
एसडीएम की जांच रिपोर्ट में रेस्तरां पर लगे आरोप सही
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 12 जून को मीडिया रिपोर्ट के आधार पर मामले की जांच का आदेश दिया था। शिव सागर रेस्तरां प्रबंधन व कर्मचारियों पर देहरादून की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया था कि पति के जन्मदिन पर वह गरीब बच्चों को खाना खिलाने ले गई थी, लेकिन उन्हें गरीब और गंदा कहकर खाना खाने के लिए प्रवेश नहीं दिया गया।
रिपोर्ट में कहा गया है कि जांच में यह बात सामने आई है कि रेस्तरां ने गरीब और गंदा होने का हवाला देकर खाना खाने के लिए प्रवेश नहीं दिया।
इससे प्रबंधन व कर्मचारियों पर सामाजिक व आर्थिक आधार पर भेदभावपूर्ण व्यवहार स्थापित होता है। यह व्यवहार मानवाधिकार और संविधान में मिले मौलिक अधिकार का उल्लंघन है और इसकी भावना के खिलाफ है।