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'राजधानी में रोजाना ग्यारह महिलाएं हो रही है ससुराल में क्रूरता की शिकार'

Mon, 04 Jul 2016 01:23 AM IST
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
राजीव कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 04 Jul 2016 01:23 AM IST
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"Eleven women in the capital are daily victims of brutality in-laws'
प्रताड़ित युवती - फोटो : Demo Pic
राजधानी में महिलाएं घर में हो रही है प्रताड़ना का शिकार। पति व ससुराल वालों द्वारा प्रताड़ना की शिकार हुई महिलाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष दो सौ से अधिक महिलाओं ने अपने पति व ससुराल वालों के खिलाफ प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाया है। इसके साथ ही इस वर्ष दहेज हत्या के मामले भी बढ़ोत्तरी हुई है। 
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दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष प्रतिदिन 11 महिलाएं प्रताड़ना की शिकार हो रही हैं। गत वर्ष 15 जून तक  1544 महिलाओं ने पति व ससुराल वालों के खिलाफ प्रताड़ना का मामला दर्ज करवाए थे, वहीं इस वर्ष साल के शुरुआती उतने ही दिन में शिकायत की संख्या 1793 तक पहुंच गर्ई है।
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दिल्ली पुलिस का आंकड़ा बताती है कि राजधानी में महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। वर्ष 2012 में जहां प्रताडना के कुल 2046 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं वर्ष 2013 में 3045, वर्ष 2014 में 3194 और वर्ष 2015 में इसकी संख्या बढ़कर 3536 हो गई। 
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इस वर्ष अधिक महिलाओं ने दर्ज करवाए मामले

"Eleven women in the capital are daily victims of brutality in-laws'
महिला से गैंगरेप

वहीं इस वर्ष दहेज हत्या के मामले में भी बढ़ोत्तरी हुई है। वर्ष 2015 के जून माह तक जहां 63 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं इस वर्ष 76 महिलाओं ने दहेज प्रताड़ना से तंग आकर अपनी जान दे चुकी है।

2012 में दहेज हत्या के 134 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं वर्ष 2013 में 144, 2014 में 153 जबकि 2015 में दहेज हत्या के मामले में कमी आई। इस वर्ष 122 मामले दर्ज किए गए। 

इतना ही नहीं दहेज निषेध के मामलों में भी इस वर्ष बढ़ोत्तरी हुई है। पिछले वर्ष जून माह तक जहां 9 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं अब तक 11 मामले दर्ज किए गए हैं।

पिछले सालों में दहेज निषेध के मामले भी बढ़े हैं। जहां वर्ष 2012 में 15 मामले दर्ज किए गए थे। वहीं वर्ष 2013 में 15, वर्ष 2014 में 13 और वर्ष 2015 में 20 मामले दर्ज किए गए। 

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