दिल्ली में दर्दनाक हादसा: अस्पताल में फैला करंट, तीन लोगों की मौत; पानी के टैंक में फैली थी बिजली
दिल्ली के रणहौला इलाके में स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में शुक्रवार को दर्दनाक हादसा हो गया। यहां करंट लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि करंट अस्पताल में मौजूद पानी के टैंक में उतरा था।
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बाहरी दिल्ली के रणहौला थाना क्षेत्र स्थित कमांडर अस्पताल के वाटर टैंक में एक इंजीनियर व प्लंबर पिता-पुत्र की शुक्रवार दोपहर को मौत हो गई। शुरुआती जांच में बताया जा रहा है कि करंट लगने से भी तीनों की मौत हो सकती है। साथ ही वाटर टैंक में ऑक्सीजन की कमी से ही मौत होने की बात कही जा रही है। बाहरी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि तीनों की मौत कैसे हुई है। रणहौल थाना पुलिस ने मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। अस्पताल प्रशासन से शुक्रवार देर रात तक पूछताछ की जा रही थी।
बाहरी जिला पुलिस उपायुक्त जिमी चिराम के अनुसार मृतकों की पहचान ए-9, राज एवेन्यू सोसायटी, डीएलएफ एक्सटेंशन-2, एचपी पेट्रोल पंप के पीछे, साहिबाबाद, गाजियाबाद, यूपी सर्वेश कुमार पुत्र दल सिंह (59), आर-2, गली नंबर-11, महारानी एन्क्लेव, हाॅस्टल विलेज, दिल्ली निवासी कुंवर पाल (40) और रमन (20) के रूप में हुई है। रमन कुंवर पाल का बेटा था। दोनों प्लंबर थे। वहीं, सर्वेश कुमार अस्पताल के इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। तीनों ही कमांडर अस्पताल के कर्मचारी थे। पुलिस उपायुक्त के अनुसार शुक्रवार दोपहर सूचना मिली थी कि रणहौला थाना क्षेत्र में विकास नगर नाला रोड स्थित कमांडर हॉस्पिटल के वाटर टैंकर में करंट फैल गया है। इसमें 3 बंदे फंसे हुए हैं, मदद की ज़रूरत है, तत्काल कॉलर की आवाज़ साफ़ नहीं आ रही है। सूचना के बाद रणहौला पुलिस स्टेशन के एएंडटी इंस्पेक्टर मनोहर लाल व एएसआई श्री कृष्ण तुरंत मौके पर पहुंचे। कुछ देर बाद एसीपी, नांगलोई जयपाल भी मौके पर पहुंच गए।
इंस्पेक्टर मनोहर लाल ने वाटर टैंक से तीनों शवों को निकलवाया और पोस्टमार्टम के लिए डीडीयू अस्पताल में रखवा दिया है। तीनों ही शवों को शनिवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। मोबाइल क्राइम टीम एवं एफएसएल टीम द्वारा घटना स्थल का निरीक्षण एवं फोटोग्राफी की गई है। रणहौला थाना पुलिस ने शुक्रवार देर रात को अस्पताल प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
वाटर टैंक में उतराते मिले शव
बाहरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंस्पेक्टर मनोहर लाल जब मौके पर पहुंच तो उन्होंने देखा कि तीनों पीडि़तों के शव वाटर टैंक में पानी में उतरा रहे थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार करंट से भी हो सकती है। ये भी कहा जा रहा है कि ऐसा लग रहा है कि वाटर टैंक में ऑक्सीजन की कमी थी। ऑक्सीजन की कमी से उनकी मौत हुई है।
करीब तीन महीने पहले ही खुला था अस्पताल
बाहरी जिले के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि शुरुआती जांच में पता लगा कि कमांडर अस्पताल करीब तीन महीने पहले ही खुला था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार माया एंक्लेव में रहने वाली डाॅ. निवेदिता ने खोला था। तीनों ही अस्पताल के कर्मचारी थे।
पीड़ितों को मोटर ठीक करने भेजा गया था
पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीनों पीडि़त को ही वाटर टैंक में लगी मोटर को ठीक करने भेजा गया था। कहा जा रहा है कि वाटर टैंक में सुरक्षा के इंतजाम नहीं थे। वाटर टैंक बहुत ही गहरा था। उसमें पानी भी काफी था। बताया जा रहा है कि इनकी मौत का पता बहुत देर बाद पता लगा था।