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दिल्ली में चुनाव हो गया...और जेब पर बढ़ गया बिजली का बोझ
Sat, 29 Feb 2020 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 29 Feb 2020 05:40 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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साउथ दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) ने शुक्रवार को हुई स्थायी समिति की बैठक में बिजली कर पर एक प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वर्तमान में साउथ दिल्ली नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले लोगों से पांच प्रतिशत बिजली कर वसूला जाता है। अब लोगों को कुल छह प्रतिशत बिजली कर देना होगा। कुछ ही दिनों में बिजली के बिलों पर यह कर लागू होगा।
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दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद बुलाई गई पहली स्थायी समिति की बैठक में ही निगम ने लोगों को बिजली का झटका दे दिया। इस मौके पर नेता सदन कमलजीत सहरावत और निगमायुक्त ज्ञानेश भारती समेत अन्य अधिकारियों के समक्ष पार्षदों द्वारा प्रस्तुत बिजली कर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी समेत कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
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निगम के वित्तीय भार को कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम की धारा 150 (1) एवं धारा 109 (2) के तहत पांचवें वित्त आयोग की सिफारिशों को लागू करते हुए बिजली कर में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई। कर बढ़ोतरी प्रस्ताव में कहा गया कि दिल्ली सरकार ने वर्ष 2018-19 से एसडीएमसी को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में कमी कर दी।
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इससे अपने व्ययों की पूर्ति करने के लिए एसडीएमसी पर वित्तीय भार है। इस बैठक में बिजली कर में बढ़ोतरी के साथ पशुपालन व डेयरी संचालन के लाइसेंस प्रक्रिया में सरलीकरण की मांग वाले प्रस्ताव को भी पारित कर दिया गया।