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दिल्ली : लॉकडाउन में फंसे बेटे की तलाश में दिल्ली आए बुजुर्ग माता पिता
Sat, 30 May 2020 03:31 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Sat, 30 May 2020 03:31 PM IST
सार
- अब बिहार जाने के लिए नहीं मिल रहा रेल का टिकट
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lockdown
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
लापता बेटे की तलाश में बिहार से दिल्ली आए बुजुर्ग दंपति लॉकडाउन में फंस गए। दो माह तक बेटे की तलाश में दोनों भटकते रहे। अब बुजुर्ग दंपति बेटे की आस छोड़ कर गांव लौटना चाहते हैं लेकिन ट्रेन में जगह नहीं मिल पा रही है। फिलहाल बुजुर्ग दंपति को शेल्टर होम में रखा गया है और उनके जाने की व्यवस्था की जा रही है।
समस्तीपुर बिहार के रहने वाले सूरज लाल (65) का बेटा शिवजी लाल (35) नरेला में एक फैक्टरी में काम करता था। मार्च माह में उन्हें पता चला कि बेटा मानसिक रूप में बीमार हो गया है। वह अपनी पत्नी के साथ बेटे का इलाज करवाने के लिए दिल्ली आये। यहां आकर पता चला कि होलंबी इलाके में रहने वाला उनका बेटा लापता है। दंपति ने बेटे की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन हो गया और दंपति यहां फंस गए।
इसके बावजूद दो महीने तक वह अपने बेटे की तलाश में कभी थाने तो कभी चौकी जाकर पुलिस वालों से पूछताछ करते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसी बीच खाने-पीने की दिक्कत भी होने लगी। उन्हें पता चला कि अलीपुर डीएम कार्यालय से बिहार जाने वाली ट्रेन का टिकट मिल रहा है। दोनों वहां पहुंच गए, लेकिन वहां भी चार दिन तक कोई ट्रेन नहीं होने का पता चला। एसडीएम ने मामले पर संज्ञान लेकर उन्हें शेल्टर होम में रखवाया है और उनके वापस जाने की व्यवस्था करवा रहे हैं।
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समस्तीपुर बिहार के रहने वाले सूरज लाल (65) का बेटा शिवजी लाल (35) नरेला में एक फैक्टरी में काम करता था। मार्च माह में उन्हें पता चला कि बेटा मानसिक रूप में बीमार हो गया है। वह अपनी पत्नी के साथ बेटे का इलाज करवाने के लिए दिल्ली आये। यहां आकर पता चला कि होलंबी इलाके में रहने वाला उनका बेटा लापता है। दंपति ने बेटे की तलाश शुरू कर दी। इसी बीच कोरोना महामारी के कारण लॉकडाउन हो गया और दंपति यहां फंस गए।
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इसके बावजूद दो महीने तक वह अपने बेटे की तलाश में कभी थाने तो कभी चौकी जाकर पुलिस वालों से पूछताछ करते रहे, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लगी। इसी बीच खाने-पीने की दिक्कत भी होने लगी। उन्हें पता चला कि अलीपुर डीएम कार्यालय से बिहार जाने वाली ट्रेन का टिकट मिल रहा है। दोनों वहां पहुंच गए, लेकिन वहां भी चार दिन तक कोई ट्रेन नहीं होने का पता चला। एसडीएम ने मामले पर संज्ञान लेकर उन्हें शेल्टर होम में रखवाया है और उनके वापस जाने की व्यवस्था करवा रहे हैं।
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