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सीबीआई ने 32 साल पहले घर से बरामद किए थे कई हथियार, पूर्व नौकरशाह को पांच साल की कैद
Sat, 07 Sep 2019 07:05 AM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 07 Sep 2019 07:05 AM IST
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सीबीआई (फाइल फोटो)
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अदालत ने मुकदमा दर्ज होने के 32 साल बाद 81 वर्षीय पूर्व नौकरशाह को पांच साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। इस अधिकारी के सरकारी आवास पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की छापेमारी में बड़ी संख्या में हथियार व कारतूस बरामद किए गए थे। सीबीआई ने इस मामले में 31 अगस्त 1987 को एफआईआर दर्ज की थी। उस यह दोषी नागालैंड में श्रम और रोजगार सचिव और आयुक्त के पद पर तैनात था।
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नौकरशाह के आवास से एक कारबाइन समेत पांच बंदूक, एक विदेशी राइफल व 328 कारतूस सीबीआई ने बरामद किए थे। राउज एवेन्यू अदालत के एसीएमएम समर विशाल ने सुरेंदर सिंह अहलूवालिया को पांच साल कैद और डेढ़ लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। सीबीआई के मुताबिक यह सबसे लंबा चलने वाला मुकदमा रहा है।
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जांच एजेंसी ने मामले की जांच पांच साल में पूरी कर ली थी और दस अप्रैल 1992 को आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। अदालती लड़ाई के चलते आरोप तय होने में 18 साल लग गए और दस फरवरी 2010 को उसके खिलाफ आरोप तय हो पाए। मामले में दोषी अहलूवालिया ने तीन मई 1964 को आपातकालीन कमिशन अधिकारी के तौर पर सेना में शामिल हुए थे।
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इसके बाद उसने 1971 में भारतीय प्रशासनिक सेवा ज्वाइन की और उसे नागालैंड कैडर मिला था। अपनी सेवा के दौरान अकूल संपत्ति अर्जित करने के चलते यह अधिकारी सीबीआई के निशाने पर आया था। उस समय इसके पास दिल्ली, ग्वालियर और चंडीगढ़ के पॉश इलाकों में कई संपत्ति और एक वातानुकूलित सिनेमा घर भी पाया गया था।