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नोटबंदी का असर: खटाई में पड़ा रोज के खर्च का इंतजाम, कैसे चलेगा काम 

Fri, 25 Nov 2016 12:10 AM IST
सीएल मौर्य/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
सीएल मौर्य/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Fri, 25 Nov 2016 12:10 AM IST
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effect of demonetization on industry in greater noida
- फोटो : अमर उजाला

पांच सौ और हजार रुपये के पुराने नोट बंद होने से गारमेंट इंडस्ट्री सकते में है। जानकारों की माने तो उद्योग पर 25 फीसद तक प्रभाव पड़ा है। छोटे-मोटे खर्च के अलावा दिहाड़ी मजदूरों को मेहनताना देने के लिए भी नये नोट का इंतजाम नहीं हो पा रहा।

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श्रमिक नये नोट के बिना काम करने को तैयार नहीं है। ऐसे में समय पर ऑर्डर कैसे पूरा होगा इसको लेकर उद्यमी चिंतित हैं। उद्यमियों को आगामी दिसंबर माह में और अधिक दिक्कत होगी।
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ग्रेटर नोएडा में रेडीमेड गारमेंट्स व होम फर्निशिंग (पर्दा, कुशन आदि) की छोटी बड़ी लगभग सौ इंडस्ट्री हैं, जिनमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से 2500 से अधिक लोग काम करते हैं। स्थाई कर्मचारियों की संख्या पांच सौ के लगभग है।
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ज्यादातर कंपनियों में अस्थाई कर्मचारियों को नकद भुगतान किया जाता है। नोट बंदी के बाद गारमेंट इंडस्ट्री के सामने कई दिक्कतें पैदा हो गई हैं। नये नोट की किल्लत के चलते रोज के खर्च का इंतजाम नहीं हो पा रहा है।

दिहाड़ी मजदूर का हिसाब नहीं हो पा रहा है। नये नोटों की किल्लत को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि आगामी दिसंबर माह में और अधिक होगी,जब श्रमिकों को नकद में पेमेंट करनी होगी।

नये नोटों की आमद होने पर होगी स्थिति सामान्य 

effect of demonetization on industry in greater noida

नये नोट के बिना श्रमिक काम करने को तैयार नहीं है। मार्केट में रुपये की दिक्कत बनी हुई है, जिससे बहुत से श्रमिक घर जाने की तैयारी कर रहे हैं। समय पर ऑर्डर पूरा करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। हर जगह चैक, ऑन लाइन पेमेंट नहीं किया जा सकता। -मोहम्मद हसीम, एथलीन क्रॉफ्ट

सुई-धागा, बटन जैसी चीजों के लिए नगदी से चलता है काम
हर जगह कार्ड स्वाइप नहीं कर सकते। गारमेंट इंडस्ट्री के लिए सुई, धागा, बटन, लेस आदि चीजें खरीदनी होती हैं, जहां नकदी से ही काम चलता है। प्रतिदिन का खर्चा 25-30 हजार रुपये होता है। नोट बंदी से कारोबार 25 फीसद प्रभावित हुआ है। उद्यमियों को सप्ताह में कम से कम एक लाख रुपये निकालने की छूट मिलनी चाहिए। -प्रीतम डोगरा, सारा एक्सपोर्ट 

यह स्थिति अल्प कालीन समय के लिए हैं। मार्केट में नये नोटों की आमद होने पर स्थिति सामान्य हो जाएगी। उद्यमियों को दिशा निर्देश दिए जाएंगे कि कंपनी में काम करने वाले अस्थाई श्रमिकों का भी बैंक में खाता खुलवाए। -सहायक आयुक्त, जिला उद्योग केंद्र

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