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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम: शिक्षा मंत्रालय ने 1757 से 1947 तक का कालखंड प्रदर्शनी में दर्शाया
Tue, 05 Apr 2022 09:13 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Tue, 05 Apr 2022 09:13 AM IST
सार
केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रदर्शनी में 1757 से 1947 तक के भारत के लगभग 200 वर्षों के इतिहास की कहानियों का प्रदर्शन किया गया है।
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शिक्षा मंत्रालय ने लगाई स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ी प्रदर्शनी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने सोमवार को संसद पुस्तकालय में शिक्षा मंत्रालय के तत्वावधान में भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद द्वारा भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में आयोजित प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
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केंद्रीय शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि प्रदर्शनी में 1757 से 1947 तक के भारत के लगभग 200 वर्षों के इतिहास की कहानियों का प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य उन गुमनाम नायकों की कहानियों को लोगों के सामने लाना है जो राष्ट्रीय स्मृति में अंकित होनी चाहिए। देशभर के सांसद इस प्रदर्शनी के साक्षी बनकर अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से और अधिक गुमनाम नायकों के बारे में अपने सुझाव दे सकते हैं।
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उन्होंने कहा कि संस्कृति मंत्रालय राज्य सरकारों के सहयोग से पूरे देश के 100 स्थानों पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी इस प्रदर्शनी का प्रदर्शन करेगा।
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