फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Education ministry issues new guidelines of school safety and security under New education policy

नई शिक्षा नीति के तहत गाइडलाइन: बच्चों को अब स्कूलों में शारीरिक सामाजिक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा मिलेगी

Thu, 07 Oct 2021 12:40 PM IST
पूजा त्रिपाठी अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Thu, 07 Oct 2021 12:40 PM IST
सार

केंद्रीय  शिक्षा मंत्रालय के सुयंक्त  सचिव संतोष  कुमार यादव की ओर से बुधवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश के अलावा सीबीएसई बोर्ड समेत प्रदेश शिक्षा बोर्ड को नई स्कूल सेफ्टी एंड सिक्योरिटी गाइडलाइन भेजी गयी हैं।

विज्ञापन
Education ministry issues new guidelines of school safety and security under New education policy
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सरकारी से लेकर निजी स्कूलों को पढ़ाई के साथ छात्रों को शारीरिक, सामाजिक, भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक सुरक्षा देनी होगी। दरअसल केंद्र सरकार ने नई शिक्षा नीति के तहत नई स्कूल
विज्ञापन

सेफ्टी एंड सिक्योरिटी गाइडलाइन दृष्टि तैयार की है। यह सात बुनियादी चरणों यानी प्रसार, रोल-आउट, हस्तक्षेप, समर्थन, हैंडहोल्डिंग, ट्रैकिंग व प्रोत्साहन पर काम  करेगी। नियमों का पालन नहीं करने और लापरवाही पर जुर्माने से लेकर मान्यता रद का प्रावधान है।
विज्ञापन


केंद्रीय  शिक्षा मंत्रालय के सुयंक्त  सचिव संतोष  कुमार यादव की ओर से बुधवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेश के अलावा सीबीएसई बोर्ड समेत प्रदेश शिक्षा बोर्ड को नई स्कूल सेफ्टी एंड सिक्योरिटी गाइडलाइन भेजी गयी हैं। मंत्रालय ने राज्यों को लिखा है कि नई गाइडलाइन को  वर्तमान गाइडलाइन के साथ लागू किया जाएगा। सभी राज्यों को यह  सुनिश्चित करने  का निर्देश दिए हैं कि गाइडलाइन ठीक से  लागू हों।
विज्ञापन
विज्ञापन


जब  तक बच्चा स्कूल में होगा सुरक्षा की जिम्मेदारी उनकी:
जब कोई बच्चा स्कूल में होता है तो स्कूल का एक बच्चे पर वास्तविक नियंत्रण होता है। यदि कोई स्कूल जानबुझकर बच्चे की उपेक्षा करता है तो बच्चे को अनावश्यक  मानसिक, शारीरिक पीड़ा बनने की संभावना है। यह किशोर न्याय अधिनियम 2015 के उल्लंघन के रूप में माना जा सकता है।

गुरुग्राम हादसे पर सुप्रीम कोर्ट ने गाइडलाइन बनाने का दिया था आदेश:
दरअसल चार साल पहले गुरुग्राम के निजी स्कूल में छात्र की मौत के बाद पिता की याचिका पर  सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को ऐसी गाइडलाइन तैयार करने का सुझाव दिया था। इसमें स्कूलों में पढऩे  वाले बच्चों की सुरक्षा केमामले में स्कूल प्रबंधन की जवाबदेही तय करना था। नई गाइडलाइन में स्कूल प्रबंधन, प्रिंसिपल या स्कूल के प्रमुख केपास स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित  करने की जिम्मेदारी होगी। जबकि माता-पिता इस निगरानी को सुनिश्चित करेंगे। वहीं, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गाइडलाइन की जांच करनी होगी, ताकि कोताही पर आगे कानूनी धाराओं के तहत कार्यवाही की जा सके। जांच में अनियिमितता करने पर संबंधित विभागों के अधिकारी भी सजा केहकदार होंगे।

स्कूलों को 13 श्रेणियों में जवाबदेह बनाया:
स्कूल प्रशासन को लापरवाही की 11 श्रेणियों में जवाबदेह बनाया गया है। इसमें सुरक्षित बुनियादी ढांचे की स्थापना में लापरवाही, सुरक्षा उपायों से संबंधित लापरवाही, परिसर में उपलब्ध कराए जाने वाले भोजन और पानी के स्तर में लापरवाही, छात्रों को चिकित्सा सहायता प्रदान करने में देरी, एक छात्र द्वारा रिपोर्ट की गई शिकायत के खिलाफ कार्रवाई में लापरवाही, मानसिक-भावनात्मक उत्पीडऩ, धराने-धमकाने को रोकने में लापरवाही, भेदभावपूर्ण कार्रवाई, स्कूल परिसर में मादक पदार्थों के सेवन, आपदा या अपराध के समय निष्क्रियता और कोविड-19 दिशानिर्देशों के सख्त कार्यान्वयन में लापरवाही शामिल है।

अभिभावक बीईओ से कर सकते हैं संपर्क:
यदि कोई निजी, सरकारी सहायता प्राप्त या सरकारी स्कूल नियमों का पालन नहीं करता है तो इन अभिभावक अपनी शिकायत को लेकर शिक्षक संघ खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) से संपर्क कर सकते हैं( बीईओ स्तर पर शिकायतों का निवारण न होने की स्थिति में मामले को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) के साथ उठाया जाना चाहिए, जो इसे जिला कलेक्टर (डीसी) के पास ले जा सकते हैंऔर डीएम मामले की जांच करेंगे।


लापरवाही पर जुर्माना:
यदि जांच में लापरवाही पाई जाती है तो डीएम स्कूल पर पहले मामले में पिछले साल में अर्जित कुल राजस्व का एक फीसदी, दूसरे मामले में दो फीसदी और तीसरे गैर अनुपालन के मामले में पाच फीसदी जक जर्माना लगा सकता है। इसके  अलावा  आगामी शैक्षणिक वर्ष में प्रवेश लेने के लिए स्कूल को प्रतिबंधित करने का प्रावधान भी किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed