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शिक्षा-लोकतंत्र समन्वय से तय होगा भविष्य: विधानसभा अध्यक्ष
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- दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने भारती कॉलेज के विद्यार्थियों से किया संवाद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा और लोकतांत्रिक भागीदारी का समन्वय ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। भारत का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हमारे युवा अपने संस्थानों, संविधान और उसमें अपनी भूमिका को कितनी गहराई से समझते हैं। शिक्षा का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना होना चाहिए और जागरूकता से सक्रिय भागीदारी का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। ये बातें दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जागरूकता पैदा करना होना चाहिए, जिससे युवा सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और सार्वजनिक जीवन के बीच सेतु बनाना समय की जरूरत है।
इस दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें सदन के इतिहास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विठ्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेताओं ने लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शिक्षा और लोकतांत्रिक भागीदारी का समन्वय ही भारत के उज्ज्वल भविष्य की कुंजी है। भारत का भविष्य इस बात पर निर्भर करेगा कि हमारे युवा अपने संस्थानों, संविधान और उसमें अपनी भूमिका को कितनी गहराई से समझते हैं। शिक्षा का उद्देश्य जागरूकता पैदा करना होना चाहिए और जागरूकता से सक्रिय भागीदारी का मार्ग प्रशस्त होना चाहिए। ये बातें दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज में विद्यार्थियों से संवाद के दौरान यह बात कही। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि जागरूकता पैदा करना होना चाहिए, जिससे युवा सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित हों। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा और सार्वजनिक जीवन के बीच सेतु बनाना समय की जरूरत है।
इस दौरान विद्यार्थियों को विधानसभा का भ्रमण भी कराया गया, जहां उन्हें सदन के इतिहास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में विठ्ठलभाई पटेल के जीवन पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई। विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल जैसे नेताओं ने लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई।
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