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जमीन सौदे में सोनिया के दामाद वाड्रा पर ED का शिकंजा, करीबियों के घर छापे
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली/फरीदाबाद
Updated Thu, 13 Apr 2017 10:21 AM IST
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ROBERT VADRA
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर जमीन घोटाला मामले में बुधवार को रॉबर्ट वाड्रा के कुछ करीबियों के यहां छापे मारे। बताया जाता है कि यह छापेमारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के फरीदाबाद में तीन स्थानों पर की गई है जिसमें तिगांव के विधायक ललित नागर के घर पर भी दबिश डाली गई।
मिली जानकारी के मुताबिक ईडी बीकानेर जमीन घोटाले से जुड़े लोगों के यहां छापेमारी कर इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं और सबूत इकट्ठा कर रहा है। यह मामला वाड्रा द्वारा बीकानेर में खरीदी गई 270 बीघा जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित है।
यह जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी गई थी और तीन साल बाद ही 5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सूत्रों के अनुसार मेसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म पर मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसी के तहत करवाई की जा रही है।
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फरीदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबी कांग्रेस विधायक ललित नागर और उनके भाई महेश नागर के सेक्टर-17 स्थित आवास व पैतृक गांव भुआपुर में एक साथ छापे मारे।
टीम ने महेश नागर के पूर्व चालक अशोक उर्फ कलुआ का घर खंगाला और पूर्व मुनीम रिछपाल से भी पूछताछ की। करीब साढ़े पांच घंटे चली जांच पड़ताल में टीम तीनों जगहों से कुछ दस्तावेज, पासबुक, चेकबुक आदि अपने साथ ले गई।
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मिली जानकारी के मुताबिक ईडी बीकानेर जमीन घोटाले से जुड़े लोगों के यहां छापेमारी कर इस मामले से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं और सबूत इकट्ठा कर रहा है। यह मामला वाड्रा द्वारा बीकानेर में खरीदी गई 270 बीघा जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित है।
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यह जमीन 79 लाख रुपये में खरीदी गई थी और तीन साल बाद ही 5 करोड़ रुपये में बेच दी गई। सूत्रों के अनुसार मेसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी नामक फर्म पर मनी लॉन्ड्रिंग निरोधक कानून (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसी के तहत करवाई की जा रही है।
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फरीदाबाद में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने रॉबर्ट वाड्रा के करीबी कांग्रेस विधायक ललित नागर और उनके भाई महेश नागर के सेक्टर-17 स्थित आवास व पैतृक गांव भुआपुर में एक साथ छापे मारे।
टीम ने महेश नागर के पूर्व चालक अशोक उर्फ कलुआ का घर खंगाला और पूर्व मुनीम रिछपाल से भी पूछताछ की। करीब साढ़े पांच घंटे चली जांच पड़ताल में टीम तीनों जगहों से कुछ दस्तावेज, पासबुक, चेकबुक आदि अपने साथ ले गई।
ईडी ने अटैच की थी 1.18 करोड़ की संपत्ति
ED RAIDS
- फोटो : अमर उजाला
ईडी ने हाल ही में पीएमएलए के प्रावधानों के तहत जमीन सौदे से जुड़े मामले में सरकारी अधिकारियों और अन्य लोगों की 1.18 करोड़ रुपये की संपत्ति अटैच की थी। यह मामला बीकानेर जिले के कोलायत की जमीन से जुड़ा है जिसे सेना की महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के कारण विस्थापित हुए लोगों को आवंटित किया जाना था।
कोलायत की इस जमीन की खरीद-फरोख्त कई लोगों और फर्मों ने की थी। खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की बात सामने आई तो स्थानीय तहसीलदार ने इसकी शिकायत राजस्थान पुलिस से की और तब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी। ईडी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 2015 के दौरान पीएमएल के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। तब एजेंसी ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी एक कंपनी को नोटिस जारी किया था।
हालांकि ईडी ने पीएमएल के तहत दर्ज एफआईआर में वाड्रा या उससे जुड़ी किसी कंपनी का नाम नहीं दर्ज किया था। एफआईआर में राजस्थान सरकार के कुछ अधिकारियों और भूमाफिया के नाम दर्ज किए गए थे।
कोलायत की इस जमीन की खरीद-फरोख्त कई लोगों और फर्मों ने की थी। खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की बात सामने आई तो स्थानीय तहसीलदार ने इसकी शिकायत राजस्थान पुलिस से की और तब पुलिस ने एफआईआर दर्ज कराई थी। ईडी ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए 2015 के दौरान पीएमएल के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। तब एजेंसी ने रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी एक कंपनी को नोटिस जारी किया था।
हालांकि ईडी ने पीएमएल के तहत दर्ज एफआईआर में वाड्रा या उससे जुड़ी किसी कंपनी का नाम नहीं दर्ज किया था। एफआईआर में राजस्थान सरकार के कुछ अधिकारियों और भूमाफिया के नाम दर्ज किए गए थे।
जमीन खरीद का विधायक कनेक्शन
ED RAIDS
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि विधायक ललित नागर के छोटे भाई महेश नागर रॉबर्ट वाड्रा के विश्वासपात्र हैं। वाड्रा ने महेश कुमार को उनकी कंपनी के लिए जमीन की खरीद-फरोख्त करने की पावर ऑफ अटार्नी दे रखी थी। बीकानेर की यह जमीन महेश नागर के पूर्व ड्राइवर अशोक कुमार के नाम से खरीदी गई थी।
बाद में यह जमीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट को महज 79 लाख रुपये में बेची गई। स्काईलाइट कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मोरीन वाड्रा निदेशक हैं। बाद में स्काईलाइट कंपनी ने यही जमीन एलीजिनी फिनलेज नाम की कंपनी को 5 करोड़ रुपये में बेची।
ईडी की छापामार कार्रवाई की वजह महेश नागर का पूर्व ड्राइवर कलुआ बताया जा रहा है। विधायक ललित नागर के करीबियों के मुताबिक बीकानेर लैंड डील में ईडी ललित और उनके छोटे भाई महेश नागर से पूछताछ कर चुका है। जमीन खरीद फरोख्त से जुड़ा अशोक उर्फ कलुआ कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपना पक्ष देने के लिए हाजिर नहीं हुआ।
बाद में यह जमीन वाड्रा की कंपनी स्काईलाइट को महज 79 लाख रुपये में बेची गई। स्काईलाइट कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मोरीन वाड्रा निदेशक हैं। बाद में स्काईलाइट कंपनी ने यही जमीन एलीजिनी फिनलेज नाम की कंपनी को 5 करोड़ रुपये में बेची।
ईडी की छापामार कार्रवाई की वजह महेश नागर का पूर्व ड्राइवर कलुआ बताया जा रहा है। विधायक ललित नागर के करीबियों के मुताबिक बीकानेर लैंड डील में ईडी ललित और उनके छोटे भाई महेश नागर से पूछताछ कर चुका है। जमीन खरीद फरोख्त से जुड़ा अशोक उर्फ कलुआ कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अपना पक्ष देने के लिए हाजिर नहीं हुआ।