फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   e rickshaw is becoming problem in noida city

सुविधा से ज्यादा परेशानी बने ई-रिक्शा, जहां-तहां लगा लेते हैं जमावड़ा

Mon, 27 Mar 2017 09:36 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Mon, 27 Mar 2017 09:36 AM IST
विज्ञापन
e rickshaw is becoming problem in noida city
शुरुआत में शहर में ट्रांसपोर्ट की एक अच्छी सुविधा माने जाने वाले ई-रिक्शा अब दिक्कत का सबब बनते जा रहे हैं। ऑटो की तरह ई-रिक्शा भी बेलगाम हो गए हैं। सड़कों पर जहां-तहां  ई-रिक्शा जमावड़ा लगा लेते हैं और जाम का कारण बनते हैं। सवारी के लिए इनके एक-दूसरे को पछाड़ने की होड़ दुर्घटना का कारण बन रही है, वहीं यात्रियों से अभद्रता की शिकायतें भी आए दिन सामने आ रही हैं। पेश है सौम्य मिश्र की रिपोर्ट -
विज्ञापन


हर चौराहे और सड़क पर ई-रिक्शा बने आफत
शहर के हर चौराहे, मेट्रो स्टेशनों के बाहर और सड़क पर खड़े ई-रिक्शा आफत बन गए हैं। सिटी सेंटर, बॉटेनिक गार्डेन, सेक्टर-16 मेट्रो स्टेशन समेत हर सड़क और चौराहे पर इनका जमावड़ा दिखाई देता है। सवारियां बैठाने की होड़ में आड़े तिरछे खड़े ई-रिक्शा जाम का कारण बनते हैं।
विज्ञापन


परमिट 475 ई-रिक्शा को, दौड़ रहे 3000
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा आकर ई-रिक्शा सुविधा की शुरुआत की थी। इसके बाद यूपी सरकार की ओर से ई-रिक्शा बांटे गए। शहर में कुल 475 ई-रिक्शा को परमिट दिए गए, लेकिन वर्तमान समय में शहर में करीब 3000 ई-रिक्शा दौड़ रहे हैं। हालांकि, परमिट की बाध्यता अब खत्म हो चुकी है लेकिन एआरटीओ में पंजीकरण अनिवार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पहले था कार्रवाई को लेकर असमंजस, अब रास्ता साफ

e rickshaw is becoming problem in noida city
e-rickshaw
करीब चार महीने पहले ई-रिक्शा पर परमिट की बाध्यता खत्म हो गई। जिसके बाद इन पर कार्रवाई के लिए असमंजस पैदा हो गया था। परमिट में ही रूट अंकित होते थे, ऐसे में जब परमिट नहीं तो इन ई-रिक्शा पर कार्रवाई किस आधार पर हो यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया था।

जिसके बाद ई-रिक्शा के सिर्फ  ट्रैफिक नियमों के चालान होते थे और उन्हें जब्त करने की कार्रवाई बंद हो गई। इसके बाद ई-रिक्शा शहर की व्यस्त सड़कों पर भी दिखने लगे। बिगड़ती ट्रैफिक व्यवस्था को देखते हुए और ई-रिक्शा की बढ़ती शिकायतों के बाद ट्रांसपोर्ट कमिश्नर ने यह साफ  किया कि अथॉरिटी, जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस शहर की चुनिंदा सड़कों पर ई-रिक्शा को प्रतिबंधित कर सकते हैं।

उन्होंने एआरटीओ को पत्र लिखकर बताया कि ई-रिक्शा को परमिट देने की बाध्यता खत्म हो गई है, लेकिन इन्हें पहले की तरह रजिस्ट्रेशन करवाना होगा और रजिस्ट्रेशन नंबर ई-रिक्शा पर आगे व पीछे लगाने होंगे। इसके अलावा ई-रिक्शा चालकों को लाइसेंस भी लेना होगा।

इसके बिना यह सड़कों पर नहीं उतर सकते। प्रशासन, अथॉरिटी, ट्रैफिक पुलिस को यह अधिकार है कि वह व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनिंदा पर ई-रिक्शा प्रतिबंधित कर सकते हैं। ई-रिक्शा पर कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त करने का अधिकार भी ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग के पास है।

सोमवार से शुरू होगा अभियान
ई-रिक्शा के खिलाफ सोमवार से अभियान शुरू किया जाएगा। कार्रवाई के लिए टीमें बना दी गई हैं। इनमें ऐसे ई-रिक्शा जो पंजीकृत नहीं हैं और सड़कों पर दौड़ रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।- राजेश सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन)। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed