एनएसयूआई के उपाध्यक्ष प्रत्याशी अंकित भारती पर हमला, फोड़ा सिर
-संगठन ने एबीवीपी पर लगाया मारपीट और हिंसा करने का आरोप
-एबीवीपी ने आरोपों को नकारा, मानहानि का केस करने की बात कही
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दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव नजदीक आते ही हिंसा शुरू हो गई है। सोमवार को एनएसयूआई के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकित भारती पर हमला किया गया। उन्होंने एबीवीपी पर कॉलेज ऑफ वोकेशनल ऑफ स्टडी में प्रचार के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है।
सिर पर चोट लगने के बाद उन्हें राममनोहर लोहिया अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। एबीवीपी ने आरोप को नकारते हुए एनएसयूआई पर मानहानि का केस करने की बात कही है।
एनएसयूआई के अनुसार, अंकित भारती कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडी में प्रचार करने गए थे। आरोप है कि उन्हें एबीवीपी के समर्थकों ने घेर कर पीटा, जिससे उनके सिर में चोट लगी।
एनएसयूआई की ओर से एक वीडियो भी जारी किया गया है, जिसमें अंकित कहते दिख रहे हैं कि एबीवीपी के कुछ लोगों ने उन्हें मारा और कहा कि किसी कॉलेज में नहीं घुसने देंगे। जब वह कॉलेजों में प्रचार करने गए तो उन्हें बेल्ट से मारा गया और सिर भी फोड़ दिया।
एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि यह मामला एबीवीपी की अनुसूचित समुदाय विरोधी मानसिकता को दर्शाता है। अंकित भारती अनुसूचित समुदाय से संबंध रखते हैं, इसलिए एबीवीपी नहीं चाहती कि कोई अनुसूचित छात्र डूसू चुनाव लड़े।
उन्होंने अंकित के साथ हिंसा कर अनुसूचित समुदाय के छात्रों में डर पैदा करने का आरोप लगाया। मालूम हो कि बीते सप्ताह एबीवीपी ने अपनी सहसचिव पद प्रत्याशी शिवांगी खरवाल पर हमला करने का आरोप एनएसयूआई पर लगाया था।
एबीवीपी ने कहा-हमारा कोई लेना-देना नहीं
एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सिद्घार्थ यादव ने कहा कि एनएसयूआई के सचिव पद के प्रत्याशी आशीष लांबा तथा उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकित भारती के समर्थकों के बीच आपस में झड़प हुई है। इससे अंकित को चोट लगी। इस घटना से एबीवीपी का कोई लेना देना नहीं है। एबीवीपी एनएसयूआई द्वारा लगाए गए झूठे आरोप के खिलाफ मानहानि का केस दायर करेगी। एबीवीपी की ओर से इस बाबत मालवीय नगर थाने में शिकायत देने की बात कही है।