फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Dust Portal 2.0 launched to curb dust pollution at construction sites.

Delhi NCR News: निर्माण स्थलों पर धूल प्रदूषण रोकने के लिए डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jul 2026 09:36 PM IST
विज्ञापन
नए पोर्टल के जरिए निर्माण स्थलों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। दिल्ली में निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों से होने वाले धूल प्रदूषण पर सख्ती बढ़ाने के लिए दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने डस्ट पोर्टल 2.0 लॉन्च किया है। नए पोर्टल के जरिए निर्माण स्थलों की ऑनलाइन निगरानी की जाएगी और नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई भी होगी। डीपीसीसी के अनुसार, 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक क्षेत्रफल वाले सभी निर्माण और डिमोलिशन प्रोजेक्ट्स का इस पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। परियोजना संचालकों को हर 15 दिन में नियमों के पालन की सेल्फ-ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी।

नए पोर्टल के तहत निर्माण स्थलों पर पीएम 2.5 और पीएम10 की निगरानी के लिए एयर क्वालिटी सेंसर लगाने होंगे। साथ ही, साइट की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए लाइव सीसीटीवी कैमरे भी लगाने होंगे, जिनकी फीड डीपीसीसी को उपलब्ध करानी होगी। सेल्फ-ऑडिट में 12 प्रमुख बिंदुओं की जांच होगी। इनमें साइट के चारों ओर ग्रीन नेट लगाना, नियमित पानी का छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना, वाहनों के टायर धोने की व्यवस्था, एंटी-स्मॉग गन का उपयोग, कचरे का सही निपटान और श्रमिकों को जागरूक करना शामिल है।
विज्ञापन

-------

निर्माण स्थल की डिजिटल मैपिंग की सुविधा
पोर्टल में जीआईएस तकनीक के जरिए निर्माण स्थल की डिजिटल मैपिंग की सुविधा भी दी गई है। इसके आधार पर यह तय होगा कि किसी साइट पर कितनी एंटी-स्मॉग गन लगानी जरूरी है। 5,000 से 10,000 वर्ग मीटर क्षेत्र वाले प्रोजेक्ट में कम से कम एक एंटी-स्मॉग गन और 20,000 वर्ग मीटर से बड़े प्रोजेक्ट में चार एंटी-स्मॉग गन लगाना अनिवार्य होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

------

अधूरी जानकारी देने या समय पर रिपोर्ट जमा नहीं करने पर होगी कार्रवाई
डीपीसीसी के एक अधिकारी के अनुसार, अधूरी जानकारी देने या समय पर रिपोर्ट जमा नहीं करने पर संबंधित परियोजना को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा सकता है। उनका कहना है कि डस्ट पोर्टल 2.0 तकनीक आधारित निगरानी को मजबूत करेगा। साथ ही, निर्माण कार्यों से होने वाले धूल प्रदूषण को कम करने में मदद करेगा। इससे दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों को प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed