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Delhi NCR News: अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में डीयू के प्रो. आशुतोष ने रखी भारत की बात
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यूनेस्को चेयर सम्मेलन में भारत से आमंत्रित एकमात्र वक्ता
उच्च शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल कौशल पर पेश किया शोधपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सतत शिक्षा एवं विस्तार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार आशुतोष जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय यूनेस्को चेयर सम्मेलन 2026 में भारत की आवाज बने। टीयू डॉर्टमुंड विश्वविद्यालय में हुए इस सम्मेलन में वे भारत से आमंत्रित एकमात्र वक्ता रहे। उन्होंने भारतीय उच्च शिक्षा, कौशल विकास और सतत पर्यटन से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखे।
सम्मेलन का विषय उच्च शिक्षा एवं तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग: सतत विकास लक्ष्यों के सिद्धांत और व्यवहार के बीच सेतु निर्माण था। इसमें कई देशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। प्रो. आशुतोष ने शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए भारत और यूरोपीय संघ के पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल कौशल की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन पेश किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए डिजिटल कौशल जरूरी है। उनकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर डीयू समेत विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने खुशी जताई है।
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उच्च शिक्षा और पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल कौशल पर पेश किया शोधपत्र
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के सतत शिक्षा एवं विस्तार विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कुमार आशुतोष जर्मनी में आयोजित अंतरराष्ट्रीय यूनेस्को चेयर सम्मेलन 2026 में भारत की आवाज बने। टीयू डॉर्टमुंड विश्वविद्यालय में हुए इस सम्मेलन में वे भारत से आमंत्रित एकमात्र वक्ता रहे। उन्होंने भारतीय उच्च शिक्षा, कौशल विकास और सतत पर्यटन से जुड़े मुद्दे अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखे।
सम्मेलन का विषय उच्च शिक्षा एवं तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा व प्रशिक्षण में अंतरराष्ट्रीय सहयोग: सतत विकास लक्ष्यों के सिद्धांत और व्यवहार के बीच सेतु निर्माण था। इसमें कई देशों के शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। प्रो. आशुतोष ने शोध पत्र प्रस्तुत करते हुए भारत और यूरोपीय संघ के पर्यटन क्षेत्र में डिजिटल कौशल की स्थिति का तुलनात्मक अध्ययन पेश किया। उन्होंने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में पर्यटन क्षेत्र में काम करने वाले युवाओं के लिए डिजिटल कौशल जरूरी है। उनकी अंतरराष्ट्रीय भागीदारी पर डीयू समेत विभाग के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने खुशी जताई है।
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