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दुर्गा बिल्डर मामले में अधिकारियों ने किया फर्जीवाड़ा

Wed, 26 Nov 2014 08:13 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 26 Nov 2014 08:13 PM IST
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Durga builder fraud case

दुर्गा बिल्डर क्षेत्र में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर तोड़फोड़ की तलवार आम जनता के सिर पर लटकी हुई है। अधिकारियों की गलती की सजा अब जनता भुगत रही है। उन्हें डर है कि कभी भी उनका आशियाना छिन सकता है।

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जबकि यहां के निवासियों का आरोप है कि सारे फर्जीवाड़े में जिला योजना विभाग, तहसील के अधिकारी-कर्मचारी व बिल्डर की गलती है। इसमें आम जनता की क्या कमी है, जिन्होंने जीवन भर अपने खून-पसीने की कमाई इकट्ठा करके प्लॉट खरीदा और उस पर मकान बनवाया। तोड़फोड़ की आशंका से दीपावली एंक्लेव, पंचशील व शिव एंक्लेव के 2500 से अधिक परिवारों की नींद उड़ी हुई है।
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तीनों कॉलोनीवासियों का आरोप है कि बिल्डर ने  फर्जी तरीके से पहले से ही बेची गई जमीन पर लाईसेंस ले लिया। उसमें जिला योजना विभाग, तहसील के अधिकारियों की मिली भगत थी। पटवारी व अधिकारियों की मिलीभगत के बिना यह फर्जीवाड़ा हो ही नहीं सकता। शिव एंक्लेव निवासी देवेंद्र अवाना का कहना है कि अधिकारियों की गलती की सजा जनता क्यों भुगते। इससे पहले उन अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए जिन्होंने बिल्डर के साथ मिलकर ऐसा किया है।
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कॉलोनीवासियों ने पिछले सप्ताह आए टाउन एंड कंट्री प्लॉनिंग डिपार्टमेंट के डायरेक्टर अनुराग रस्तोगी और जिला योजनाकार रेनुका सिंह के सामने बार-बार यह बात रखी कि बिल्डर का लाईसेंस गलत है, उनकी क्या गलती है, भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। लेकिन अधिकारी मानने को तैयार नहीं हैं। क्योंकि यदि लाईसेंस में गलती स्वीकार करते हैं तो वह खुद फंस जाएंगे।

अब कॉलोनीवासी तहसील स्तर से ऐसे कागजात जुटाने में लगे हैं, जिसमें यह साबित हो सके कि वर्ष 1992 से पहले लिए गए उनके प्लॉटों के कागजात सही हैं। इसके बाद ही बिल्डर ने गलत तरीके से लाईसेंस हासिल करके दोबारा प्लॉट बेच दिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के कई वकीलों से सलाह ली जा रही है कि मामले में सभी कागजातों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में कैसे कॉलोनीवासी अपना पक्ष रखें।


शिव एंक्लेव के वकील प्रत्यूष प्रतीक का कहना है कि शुक्रवार को फिर से डीटीपी से मिला जाएगा। तहसील के आधार पर यदि कॉलोनीवासी अपना पक्ष मजबूती से रख पाए तो उन्हें फायदा मिलेगा। वहीं इस मामले में जिला योजनाकार रेनुका सिंह का कहना है कि जो भी कार्रवाई हो रही है सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार हो रही है। यहां से रिपोर्ट तैयार करके डायरेक्टर को भेजी जाएगी। पैमाइश पहले ही करा ली गई है।

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