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डंपिंग ग्राउंड: आरटीआई में गलत जानकारी देकर प्राधिकरण कर रहा गुमराह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 06 Aug 2018 10:22 AM IST
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डंपिंग ग्राउंड मसले पर नोएडा प्राधिकरण लोगों को गलत जानकारी दे रहा है। एक आरटीआई के जवाब में प्राधिकरण ने कहा कि सेक्टर-123 डंपिंग ग्राउंड को एनजीटी में लंबित विवाद के कारण स्थगित कर दिया गया, जबकि कोर्ट ने इस मसले पर कोई आदेश ही नहीं दिया है।
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विशनपुरा निवासी समाजसेवी रघुराज सिंह ने प्राधिकरण में आरटीआई डालकर जवाब मांगा था कि प्राधिकरण का डंपिंग ग्राउंड कहां पर है और मौजूदा स्थिति क्या है। प्राधिकरण ने कहा कि ठोस अपशिष्ठ प्रबंधन नियम-2016 के तहत ही कूड़ा निस्तारित किया जा रहा है।
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मास्टर प्लान 2021 व 2031 के तहत लैंडफिल साइट सेक्टर-123 में ही है। प्राधिकरण ने जवाब दिया कि एनजीटी में विचाराधीन होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया है। यह जवाब जन स्वास्थ्य (प्रथम) प्रभारी परियोजना अभियंता एमसी मित्तल की तरफ से दिया गया है।
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रघुराज सिंह ने आरोप लगाया कि प्राधिकरण लोगों को फिर गुमराह कर रहा है। क्योंकि प्राधिकरण पहले कहता था कि एनजीटी ने ही सेक्टर-123 में लैंडफिल साइट बनाने की अनुमति दी है। एनजीटी ने फिलहाल कोई स्थगन आदेश नहीं दिया है। पिछले दिनों सीएम के मौखिक निर्देश पर ही प्राधिकरण ने सेक्टर-123 में कूड़ा डालना बंद किया था। चूंकि सीएम का लिखित आदेश प्राधिकरण के पास नहीं है।
अस्थायी डंपिंग ग्राउंड बना ही नहीं सकते
रघुराज ने बताया कि शहर में किसी भी स्थान पर अस्थायी डंपिंग ग्राउंड नहीं हो सकता। प्राधिकरण पहले कूड़ा डालने का खर्च करता है, इसके बाद उसे उठाने में लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह तो जनता के पैसे की बर्बादी है। प्राधिकरण सेक्टर-68 व 54 में यही कर रहा है। सेक्टर-54 में डाले गए कूडे़ के मामले में 13 अगस्त और 145 मुबारिकपुर में 17 अगस्त को एनजीटी में सुनवाई है।