{"_id":"5d3ba6b78ebc3e6d18102dc8","slug":"due-to-wrong-injection-patient-died-in-gurugram","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरुग्राम: गलत इंजेक्शन लगाने से युवक की तबियत बिगड़ी, मौत ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरुग्राम: गलत इंजेक्शन लगाने से युवक की तबियत बिगड़ी, मौत
Sat, 27 Jul 2019 06:50 AM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुरुग्राम
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 27 Jul 2019 06:50 AM IST
विज्ञापन
मृतक सुनील कुमार शर्मा
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बसई एंक्लेव स्थित बालाजी अस्पताल में देर रात को पेट दर्द के इलाज के लिए भर्ती हुए युवक को इंजेक्शन लगाने के बाद तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में अस्पताल प्रबंधन ने मरीज को पारस अस्पताल रेफर कर दिया। लेकिन बीच रास्ते से ही उसे पारस की बजाय फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
परिजनों ने बालाजी अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. दीपक माथुर ने बताया कि प्राथमिक जांच में इंजेक्शन से एलर्जी की बात सामने आई है। बिसरा के लिए नमूने भेज दिए गए हैं इसकी रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पत्नी के बयान पर सेक्टर-10 थाना पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया। हालांकि शुक्रवार शाम तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक बसई एंक्लेव निवासी सुनील कुमार शर्मा (33) निजी कंपनी में कार्यरत था। वह अपने परिवार के साथ बसई एंक्लेव में रह रहा था। गुरुवार रात करीब 12.30 बजे सुनील के पेट में अचानक तेज दर्द उठने पर उसकी पत्नी पूजा और उसके पड़ोसी उसे बसई एंक्लेव स्थित बालाजी अस्पताल लेकर आए। अस्पताल में लाते ही उसे आईसीयू में दाखिल कर दिया।
विज्ञापन
पत्नी पूजा के मुताबिक डॉक्टर की बजाय एक सहायक ने उसके पति को इंजेक्शन लगाया। इंजेक्शन लगाने के कुछ ही देर बाद पूरे शरीर में सूजन के साथ खुुजली शुरू हो गई। तबियत बिगड़ती देख उन्होंने पारस अस्पताल ले जाने के लिए कहा तो वे उसे लेकर निकले की बीच रास्ते में उन्हें पारस की बजाय फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया। जब तक फोर्टिस अस्पताल पहुंचे डॉक्टरों ने बताया कि इसकी मौत हो चुकी है।
युवक की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा मचाते हुए पुलिस को कॉल कर दिया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और गलत इंजेक्शन लगाने से सुनील की मौत हो गई। उन्होंने शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए अड़े रहे। सेक्टर-10 थाना पुलिस ने पत्नी पूजा के बयान पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम में भी इंजेक्शन से इंफेक्शन की आशंका जताई गई हालांकि बिसरा जांच के लिए नमूने भेज दिया गया। मृतक के मामा रामनिवास ने आरोप लगाया कि पर्याप्त सबूतों के बावजूद पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई करने में जानबूझकर देरी कर रही है। इस संबंध में थाना प्रभारी के मुताबिक मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।