खराब मौसम से बढ़ सकती है अस्थमा पीड़ितों की संख्या, ऐसे रखें अपना ख्याल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पिछले कुछ दिनों से राजधानी दिल्ली सहित देश भर में अंधड़ चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस धूल भरी आंधी और तूफान की वजह से अस्थमा मरीजों की संख्या भी बढ़ सकती है।
हाल ही में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने की रिसर्च में खुलासा हुआ है कि दिल्ली और यूपी में सबसे ज्यादा अस्थमा फैला है।
वर्ष 1990 से 2016 के बीच विभिन्न राज्यों के अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों की इस रिसर्च के अनुसार उत्तर प्रदेश में अभी तक अस्थमा मरीजों की संख्या 57.83 लाख पहुंच चुकी है।
जबकि यहां अस्थमा की वजह से मृत्यु दर प्रति लाख लोगों में 22 है। ठीक इसी तरह दिल्ली में अब तक साढ़े चार लाख मरीज इस बीमारी से ग्रस्त मिले हैं। हालांकि प्रति लाख की आबादी पर मृत्युदर तीन फीसदी है।
हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है
एम्स के पल्मेनरी विशेषज्ञ डॉ. करण मदान ने बताया कि आईसीएमआर की रिपोर्ट के बाद अस्थमा की स्थिति साफ हो चुकी है। हर दिन मरीजों की संख्या बढ़ रही है।
उन्होंने बताया कि धूल भरी आंधी में प्रदूषण के कण शामिल होते हैं। अक्सर लोग आंधी को लेकर ज्यादा सतर्क नहीं रहते। जिसकी वजह से भारी मात्रा में प्रदूषित कण उनके शरीर में प्रवेश करते हैं।
ये सीधेतौर पर इंसान को सांस संबंधी परेशानी देना शुरू कर देते हैं। हालांकि डॉ. मदान का कहना है कि इनहेलर की वजह से अस्थमा मरीजों को काफी आराम आया है। लेकिन मरीजों की संख्या बढने के मामले में भारत पूरी दुनिया में चीन के बाद दूसरे नंबर पर पहुंच चुका है।
मरीजों की दी सलाह, लोग भी करें अमल
मैक्स अस्पताल के डॉ. विवेका कुमार का कहना है कि जो मरीज अस्थमा ग्रस्त हैं या जो स्वस्थ्य हैं। सभी को इस वक्त घर से निकलने से पहले अपने चेहरे को बारीक कॉटन कपड़े से ढ़ंक लेना चाहिए।
ताकि छोटे छोटे प्रदूषित कण सांस के जरिए प्रवेश न कर सकें। घर वापस आने के बाद गुनगुने पानी से गला साफ करें। साथ ही इस मौसम में ठंडे पानी का स्नान जरूर करें। ताकि शरीर के छिद्रों में मौजूद प्रदूषित कण निकल सकें। इससे त्वचा संबंधी बीमारी होने की आशंका भी कम होगी।
क्या कहती है रिपोर्ट
रिपोर्ट के अनुसार यूपी के बाद पश्चिम बंगाल (34.85), महाराष्ट्र (33.90), बिहार (28.82), राजस्थान (23.90), मध्य प्रदेश (20.82) और पंजाब में 7.73 लाख मरीज अस्थमा ग्रस्त हो चुके हैं।
जबकि पूरे देश में अस्थमा की वजह से मरीजों की मौत राजस्थान में ज्यादा हो रही हैं। वहां इसकी मृत्युदर प्रति लाख की आबादी पर 23 पहुंच चुकी है।