{"_id":"62a7a6457eca9f217e428e60","slug":"du-researchers-find-egg-in-rare-dinosaur-egg","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi University: डीयू के अनुसंधानकर्ताओं की खोज, डायनासोर के दुर्लभ अंडे में अंडा मिला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi University: डीयू के अनुसंधानकर्ताओं की खोज, डायनासोर के दुर्लभ अंडे में अंडा मिला
Tue, 14 Jun 2022 02:34 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 14 Jun 2022 02:34 AM IST
सार
शोधकर्ताओं को घोंसले में इस दुर्लभ अंडे समेत 10 अंडे मिले हैं। इस दुर्लभ अंडे में दो परतें एक के ऊपर एक कुछ अंतर के साथ थी। जबकि अन्य अंडों का सूक्ष्म ढांचा एक जैसा था। खोज में इन अंडों की पहचान टाइटानोसॉरिड सौरोपोड डायनासोर के अंडों के रुप में हुई।
विज्ञापन
Delhi University
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दिल्ली विश्वविद्यालय के अनुसंधानकर्ताओं की टीम ने मध्यप्रदेश में डायनासोर के दुर्लभ अंडे की खोज की है। खास बात यह है कि इसमें एक अंडे के भीतर एक और अंडा है। दावा किया जा रहा है कि जीवश्म इतिहास में पहली बार ऐसी खोज की गई है। इस खोज को जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित किया गया है। इस खोज को अहम इसलिए माना जा रहा है क्योंकि अब तक सरीसृप के अंडे में अंडा नहीं मिला है।
विज्ञापन
शोध के मुताबिक, यह एक असामान्य टाइटानोसॉरिड डायनासोर का अंडा है। जो कि मध्यप्रदेश के धार जिले के बाग इलाके में मिला है। इस अंडे के मिलने से यह समझने में सहायता मिलेगी कि क्या डायनासोर का प्रजनन कछुओं छिपकलियों या मगरमच्छ और पक्षियों जैसा था। शोधकर्ताओं ने बाग शहर केपडल्या गांव के पास टाइटानोसॉरिड प्रजाति के डायनासोर के घोंसलों को खोजा। जब इन घोसलों का अध्ययन किया गया तब उन्हें इस अंडे की जानकारी हुई।
विज्ञापन
शोधकर्ताओं को घोंसले में इस दुर्लभ अंडे समेत 10 अंडे मिले हैं। इस दुर्लभ अंडे में दो परतें एक के ऊपर एक कुछ अंतर के साथ थी। जबकि अन्य अंडों का सूक्ष्म ढांचा एक जैसा था। खोज में इन अंडों की पहचान टाइटानोसॉरिड सौरोपोड डायनासोर के अंडों के रुप में हुई। अब तक इस तरह के अंडे नहीं मिले थे। ऐसे अंडे अब तक केवल पक्षियों में पाए जाते हैं और सरीसृपों में नहीं। यह भी देखा जा रहा है कि डायनासोर ने पक्षियों की तरह अंडे देने का तरीका विकसित किया। मालूम हो कि मध्य भारत को डायनासोर के कंकालों व अंडों के लिए जाना जाता है।
विज्ञापन