माओवादियों का ‘मददगार’ डीयू प्रोफेसर गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महाराष्ट्र पुलिस ने दिल्ली विश्वविद्यालय के रामलाल आनंद कॉलेज में अंग्रेजी के असिस्टेंट प्रोफेसर जीएन साईंबाबा को शुक्रवार दोपहर दिल्ली विश्वविद्यालय से गिरफ्तार कर लिया।
साईंबाबा पर माओवादियों का साथ देने, उनके अर्बन मॉडयूल को बढ़ावा देने व भर्ती करने का आरोप हैं।
उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त सिंधू पिल्ले ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस शुक्रवार शाम पांच बजे पालम एयरपोर्ट से साईंबाबा को लेकर गई।
प्रोफेसर के घर आते थे माओवादी
महाराष्ट्र पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रोफेसर पर यह भी आरोप है कि माओवादी डीयू स्थित उसके घर आते थे। महाराष्ट्र के अहेरी थाने में प्रोफेसर के खिलाफ वर्ष 2013 में मामला दर्ज किया गया था।
महाराष्ट्र पुलिस इससे पहले दिल्ली आकर तीन बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। आखिरी बार पूछताछ नौ जनवरी को की गई थी।
उस समय महाराष्ट्र पुलिस उन्हें गिरफ्तार करना चाहती थी, लेकिन विरोध-प्रदर्शन के चलते खाली हाथ लौटना पड़ा था। महाराष्ट्र पुलिस ने उनके कंप्यूटर को भी फोरेंसिक जांच के लिए जब्त किया है।
प्लानिंग के साथ करनी पड़ी गिरफ्तारी
दिल्ली पुलिस के अनुसार महाराष्ट्र पुलिस बृहस्पतिवार रात को ही दिल्ली आ गई थी। साईंबाबा ग्वेयर हॉस्टल में रहते हैं। महाराष्ट्र व दिल्ली पुलिस उनका हॉस्टल से बाहर निकलने का इंतजार कर रही थी।
सुबह वह हॉस्टल से निकलकर दौलतराम कॉलेज बैठक में चले गए। दोपहर करीब पौने दो बजे जब वह दौलतराम कॉलेज से निकलकर घर वापस लौटे तो जीएस नारंग मार्ग से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार करने के बाद उन्हें सिविल लाइंस थाने ले जाया गया। यहां से दिल्ली पुलिस की जिप्सी में पालम एयरपोर्ट ले जाया गया।
ये थी प्लानिंग
महाराष्ट्र व दिल्ली पुलिस असिस्टेंट प्रोफेसर जीएन साईंबाबा की गिरफ्तारी को लेकर पिछली गलती दोहराना नहीं चाहती थीं। महाराष्ट्र पुलिस जब साईंबाबा को नौ जनवरी को गिरफ्तार करने आई थी तो लोगों को भनक लग गई थी जिससे विरोध-प्रदर्शन हुआ था।
इस बार साईंबाबा की गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र पुलिस ने बृहस्पतिवार रात से ही जाल बिछाना शुरू कर दिया था। दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र पुलिस गैर जमानती वारंट लेकर आई थी।
24 घंटे में साईंबाबा को अदालत में पेश किया जा सकता है। वहीं, माओवादी लिंक को लेकर साईंबाबा का नाम उस समय सामने आया था, जब जेएनयू के छात्र हेमंत मिश्रा को गिरफ्तार किया गया था।
विकलांग है प्रोफेसर
दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने शुक्रवार को रामलाल आनंद कॉलेज में अंग्रेजी के सहायक प्रोफेसर जेएन साईंबाबा को महाराष्ट्र पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने का विरोध किया। रेवूलेशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट केबैनर तले महाराष्ट्र सदन पर शनिवार को प्रदर्शन कर विरोध दर्ज कराया जाएगा।
फ्रंट के बैनर तले शुक्रवार देर शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें डूटा अध्यक्ष डॉ नंदिता नारायण व सामाजिक कार्यकर्ता अरुंधति राय ने हिस्सा लिया।
प्रोफेसर जेएन साईंबाबा की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ की अध्यक्ष डॉ. नंदिता नारायण ने कहा कि जिस तरह से प्रोफेसर को गिरफ्तार किया गया, वह गलत है। वे अशक्त हैं और व्हीलयेचर पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रोफेसर को अपने वकील व परिवार से संपर्क नहीं करने दिया गया।