नौकरी तलाश रही महिलाओं के लिए सुनहारा मौका
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जल्द ही दिल्ली के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने वाला है। शहर में पहली बार आप महिलाओं को डीटीसी की बसें चलाते हुए देख सकते हैं। दिल्ली परिवहन निगम अगले महीने से महिला ड्राइवर्स को भर्ती प्रक्रिया शुरु कर रहा है।
आपको बता दें कि देश के सबसे विकसित महानगरों में से एक होने के बावजूद दिल्ली में आज तक किसी महिला को बस चलाने की जिम्मेदारी नहीं दी गई। जबकि भारतीय रेल बहुत पहले ही महिलाओं को यह जिम्मेदारी दे चुका है।
हालांकि डीटीसी में महिला कंडक्टरों की भर्ती होनी शुरु हो चुकी है। फिलहाल डीटीसी की बसों में कुल 243 महिला कंडक्टर अपनी सेवाएं दे रही हैं। महिलाओं की भर्ती के साथ ही उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण और यातायात के नियमों के बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। माना जा रहा है कि प्रत्येक महिला ड्राइवर को छह महीने का प्रशिक्षण देने के बाद ही यह काम सौंपा जाएगा।
शुरुआत में दस महिलाओं की भर्ती की जाएगी। इन महिलाओं को छह महीने तक डीटीसी के ट्रेनिंग स्कूल और डिपो में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद डीटीसी इनका ड्राइविंग टेस्ट लेगा। टेस्ट में पास होने के बाद ही उन्हें भारी वाहन चलाने का कमर्शियल लाइसेंस दिया जाएगा।
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महिलाओं को इस पेशे की ओर आकर्षित करने के लिए डीटीसी उन्हें कुछ छूट भी देगी। सामान्यः ड्राइवर बनने के लिए भारी वाहन (HMV) चलाने के लिए आवश्यक पास और तीन साल का अनुभव जरूरी है। जबकि सामान्य ड्राइविंग लाइसेंस रखने वाली महिला भी इस पद के लिए आवेदन कर सकती है।
इसके साथ ही महिलाओं को उम्र सीमा में भी छूट देने की योजना है। जहां पुरूषों के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष है वहीं महिलाओं के लिए यह सीमा 40 वर्ष रखी जा रही है।
हालांकि शारीरिक दक्षता के लिए जरूरी मापदंडों में महिलाओं को भी कोई छूट नहीं मिलेगी। ड्राइवर बनने के लिए न्यूनतम लंबाई 160 सेंटीमीटर या 5.4 फीट होना जरूरी है। महिला ड्राइवर्स की भर्ती संविदा के आधार पर होगी और वेतन के तौर पर उन्हें 15000 से 20,000 रुपए प्रतिमाह दिया जाएगा। इस संबंध में आवेदन दिसंबर में आने की संभावना है।