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नोटबंदी के बाद पीओएस खाली कर रहे डीटीसी का खजाना, प्रबंधन परेशान

Fri, 28 Jul 2017 02:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 28 Jul 2017 02:35 PM IST
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dtc wants cheap options for cashless system
डीटीसी बस

बीते साल नोटबंदी के बाद कैशलेस व्यवस्था को लागू करने में जुटी दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) अपने यहां सभी पास बनाने वाले केंद्र पर प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन लगा चुकी है।

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अब वहीं पीओएस मशीन का रखरखाव और सेवा शुल्क उसका खजाना खाली कर रहा है। इसे देखते हुएअब डीटीसी प्रबंधन ने उसके खर्चो का दिल्ली सरकार को भरपाई के लिए प्रस्ताव भेजा है। साथ ही डीटीसी प्रबंधन को कैशलेस व्यवस्था के सस्ते विकल्पों की तलाश करने को भी कहा है।
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दरअसल बीते साल नोटबंदी के बाद सभी विभागों पर कैशलेस व्यवस्था को लागू करने का दबाव था। उसके देखते हुए डीटीसी ने इस व्यवस्था को अपनाया है। दिल्ली के अपने 40 पास जारी करने वाले केंद्र पर पीओएस मशीन लगाई।
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इससे पास बनाने का शुल्क आवेदक अपने डेबिट या क्रेडिट कॉर्ड के जरिए पेमेंट कर सकता है। डीटीसी ने यह व्यवस्था तो शुरू कर दी है। मगर इसके बदले डीटीसी को मोटी रकम चुकानी पड़ रही है।

डीटीसी अधिकारियों के मुताबिक जिससे यह सेवा ली गई उसका दरों और उसके अतिरिक्त रखरखाव समेत अन्य शुल्क को जोड़े तो डीटीसी को सालाना एक करोड़ से ज्यादा का खर्च आ रहा था। कैशलेस व्यवस्था के खर्च को लेकर डीटीसी बोर्ड में भी चर्चा हो चुकी है।


इस खर्च की भरपाई के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजने के साथ-साथ डीटीसी के आईटी विभाग से कैशलेस भुगतान के लिए सस्ते विकल्पों के साथ यूजर फ्रैंडली व्यवस्था की तलाश करने का निर्देश दिया गया है।

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