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डीएसजीएमसी नेता न करें हल्की बयानबाजी, दिखाएं अदालत का आदेश : जीके
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नई दिल्ली। गुरु हरिकृष्ण पब्लिक स्कूलों की अदालती सुनवाई को लेकर दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के नेताओं द्वारा दिए बयानों पर पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। जीके ने नेताओं को नसीहत दी कि वे सार्वजनिक मंचों पर हल्की बातें करने के बजाय अदालती आदेशों के तथ्य प्रस्तुत करें।
जीके ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कमेटी ने वाकई गुरुद्वारा संपत्तियों की रक्षा की है तो वे वह अदालती आदेश दिखाएं जिसमें मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति रोकी गई हो। उन्होंने पूछा कि अदालत में संपत्तियों की सूची किसने जमा करवाई थी और कमेटी के वकीलों ने मूल्यांकन में सहयोग की बात क्यों स्वीकारी थी? उन्होंने कहा कि अब कमेटी विस्तृत शेड्यूल के तहत कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करना चाहती है लेकिन क्या कर्मचारियों को विश्वास में लिया गया है? क्योंकि अदालत ने कर्मचारियों से इस शेड्यूल पर हलफनामा मांगा है जिससे साफ है कि यह प्रस्ताव अभी अदालत और कर्मचारियों की स्वीकृति से दूर है। जीके ने कहा कि अदालत में उनके वकीलों ने कमेटी का विरोध नहीं किया लेकिन अगर पैसे देकर कौम की संपत्तियां बचती हैं, तो वे इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने दोहराया कि अदालत के आदेशों का सम्मान किया जाए और जनभावनाओं से खेलने वाले गैर-जिम्मेदार बयानों से बचा जाए। ब्यूरो
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जीके ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि कमेटी ने वाकई गुरुद्वारा संपत्तियों की रक्षा की है तो वे वह अदालती आदेश दिखाएं जिसमें मूल्यांकनकर्ता की नियुक्ति रोकी गई हो। उन्होंने पूछा कि अदालत में संपत्तियों की सूची किसने जमा करवाई थी और कमेटी के वकीलों ने मूल्यांकन में सहयोग की बात क्यों स्वीकारी थी? उन्होंने कहा कि अब कमेटी विस्तृत शेड्यूल के तहत कर्मचारियों के बकाया का भुगतान करना चाहती है लेकिन क्या कर्मचारियों को विश्वास में लिया गया है? क्योंकि अदालत ने कर्मचारियों से इस शेड्यूल पर हलफनामा मांगा है जिससे साफ है कि यह प्रस्ताव अभी अदालत और कर्मचारियों की स्वीकृति से दूर है। जीके ने कहा कि अदालत में उनके वकीलों ने कमेटी का विरोध नहीं किया लेकिन अगर पैसे देकर कौम की संपत्तियां बचती हैं, तो वे इसका स्वागत करेंगे। उन्होंने दोहराया कि अदालत के आदेशों का सम्मान किया जाए और जनभावनाओं से खेलने वाले गैर-जिम्मेदार बयानों से बचा जाए। ब्यूरो
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