दरिंदगी से मारा बच्चा, पुलिस ने बंद की फाइल
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मासूमों की हत्या कर उनके साथ दुष्कर्म व कुकर्म करने के आरोपी दरिंदे रविन्द्र कुमार के साथ दिल्ली पुलिस की कारगुजारियां भी सामने आने लगी हैं।
जिस बच्चे का शव दरिंदे रविन्द्र ने हत्या व कुकर्म करने के बाद फेंक दिया था उस बच्चे की मौत को पुलिस ने स्वाभाविक मौत बता दिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़ित परिवार ने बच्चे की मौत को हादसा बताया था।
जांच में ये बात भी सामने आ रही है कि आरोपी रविन्द्र द्वारा की गई कई वारदातें पुलिस रिकार्ड में नहीं हैं। दूसरी तरफ आरोपी रविन्द्र कुमार नोएडा के निठारी कांड के बारे में जानता है।
शव मिलते रहे, फाइल बंद होती रही
बाहरी जिले के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी रविन्द्र ने मुंडका इलाके में वर्ष 2011 में एक घिनौनी वारदात को अंजाम दिया था।
रविन्द्र कुमार ने एक दो वर्षीय बच्चे का अपहरण कर उसक हत्या कर की और फिर उसके साथ कुकर्म किया जिसके बाद बच्चे का शव नाले में फेंक दिया। पुलिस ने सिर्फ अपहरण का मामला दर्ज किया था।
वहीं कुछ दिन बाद बच्चे का शव नाले में पड़ा मिला। पुलिस ने इसके बाद लापरवाही से हुई मौत की धारा जोड़कर फाइल बंद कर दी थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बच्चे के परिजनों ने उस समय कहा था कि उनके बच्चे की नाले में फिसलकर गिरने से मौत हुई है।
क्या करती रही पुलिस?
क्या पुलिस ने उस समय बच्चे का पोस्टमार्टम नहीं कराया था? अगर पोस्टमार्टम हुआ था तो फिर उसमें हत्या व कुकर्म की बात क्यों नहीं आई?
अब आरोपी रविन्द्र कुमार स्वीकार कर रहा है कि उसने बच्चे की हत्या कर शव को नाले में फेंक दिया था। उसने बच्चे के साथ कुकर्म भी किया था।
रविन्द्र के खुलासे के बाद बेगमपुर थाना पुलिस ने फिर से बच्चे की हत्या की फाइल खोलना शुरू कर दिया है। दूसरी तरफ दरिंदे रविन्द्र कुमार ने खुलासे किए हैं कि वह नोएडा के निठारी कांड के बारे में जानता था।
उसे पता था कि सुरेन्द्र कोहली बच्चों का मांस भी खाता था। जब उसने निठारी कांड के बारे में सुना था तो उसे बुरा लगा था। आरोपी मानता है कि उसे फांसी की सजा होगी। अगर उसे छोड़ दिया गया तो वह दूर चला जाएगा और अपनी नसबंदी करा लेगा।