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Delhi NCR News: सम्मेलन में गूंजे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार
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125वीं जयंती पर आयोजित सम्मेलन में अनुच्छेद-370, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के संकल्प पर हुई चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारतीय बौद्ध संघ के तत्वावधान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को ‘समरसता सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र, पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद समेत कई वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के संकल्प पर अपने विचार रखे। मिश्र ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए मंत्री पद स्वीकार किया। वहीं, साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भारत आज विश्व में सुरक्षित और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, लेकिन देश के भीतर कुछ शक्तियां भ्रम फैलाकर विकास की गति रोकने का प्रयास कर रही हैं। अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में वंचित वर्गों और महिलाओं को समान अधिकार मिल सके हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। भारतीय बौद्ध संघ के तत्वावधान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में कनॉट प्लेस स्थित एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में शुक्रवार को ‘समरसता सम्मेलन’ आयोजित किया गया। सम्मेलन में पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र, पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति, भाजपा अनुसूचित जाति-जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य, पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया, दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री राजकुमार आनंद समेत कई वक्ताओं ने डॉ. मुखर्जी के जीवन, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता और विकसित भारत के संकल्प पर अपने विचार रखे। मिश्र ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के लिए राष्ट्र सर्वोपरि था। वैचारिक मतभेदों के बावजूद उन्होंने स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में राष्ट्रहित को प्राथमिकता देते हुए मंत्री पद स्वीकार किया। वहीं, साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि भारत आज विश्व में सुरक्षित और सशक्त राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, लेकिन देश के भीतर कुछ शक्तियां भ्रम फैलाकर विकास की गति रोकने का प्रयास कर रही हैं। अनुच्छेद-370 हटने के बाद जम्मू-कश्मीर में वंचित वर्गों और महिलाओं को समान अधिकार मिल सके हैं।