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पत्नी-बेटी के शव देखकर रोया था नितिन
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Wed, 30 Jul 2014 05:51 PM IST
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नोएडा के प्रतीक लॉरियल अपार्टमेंट में मां-बेटी की हत्या के राज पर भले ही अभी पर्दा न उठा हो, लेकिन तीन दिन तक नितिन दोनों के शव देखकर रोता और पछताता रहा।
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सोसायटी के बाहर निकलते समय लोगों ने उसको रोते हुए देखा था। हालांकि, फ्लैट कल्चर होने के कारण लोग किसी ने उससे इसका कारण पूछना उचित नहीं समझा। मंगलवार को सोसायटी के ही लोगों ने बताया कि नितिन को रोते हुए देखा गया था।
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दस दिन बीत जाने के बाद भी सेक्टर-120 स्थित लॉरियल सोसायटी डबल मर्डर केस और एक्सप्रेसवे पर कार में जले युवक की गुत्थी नहीं सुलझ पाई है। 16 जुलाई को ग्रेटर नोएडा में कंपनी से घर लौटने के बाद नितिन 18 जुलाई की सुबह ही घर से निकला।
इस दौरान बाहर निकलते समय उसका सोसायटी में रहने वाले और वहां काम करने वाले कुछ लोगों से सामना हुआ था। लोगों ने देखा था कि उसकी आंखें लाल थीं। जैसे वह कई रातों से सोया ही न हो और खूब रोया हो। वह 19 की शाम तक दो-तीन बार सोसायटी से बाहर निकला।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने के बाद पुलिस इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि मां-बेटी की मौत के बाद नितिन सोसायटी की लिफ्ट में आते जाते देखा गया था। लोग भी मानते हैं कि पत्नी पारुल और बच्ची आइसी के शव देखने के बाद नितिन रोया होगा।
‘समय पर ध्यान देते तो बच सकती थी तीन जान’
मनोवैज्ञानिक डॉ. संजीव त्यागी कहते हैं कि अक्सर ऐसी घटनाएं तब होती हैं जब पति-पत्नी के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा हो। जब निराशा हद से पार हो जाती है तो लोग या तो खुद को खत्म कर लेते हैं या अपने साथी की हत्या कर देते हैं। ऐसे समय में परेशान व्यक्ति अपने बच्चों तक की हत्या कर सकता है।
ऐसे मामलों में अक्सर परिजनों को तनाव के बारे में जानकारी होती है, लेकिन कोई भी इसे स्वीकार करना नहीं चाहता। अगर समय पर किसी विशेषज्ञ या परिजनों की मदद ली गई होती तो शायद तीनों जानें बचाई जा सकती थीं।