गैंगवार में ‘डॉन’ को दिनदहाड़े गोलियों से भूना, दो महीने पहले ही आया था जेल से
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गैंगवार में कुख्यात राहुल गैंग के सक्रिय सदस्य विनोद उर्फ भज्जी को दिनदहाड़े गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया गया। वारदात शनिवार दोपहर 12 बजे कविनगर थाना क्षेत्र के राजनगर सेक्टर-7 में रेलवे लाइन के पास हुई।
सरे राह घटना को अंजाम देकर बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गए। पुलिस के मुताबिक मृतक पर मादक पदार्थों की तस्करी, चोरी, वाहन चोरी व गैंगस्टर के 13 मुकदमे दर्ज थे और दो माह पहले ही जेल से बाहर आया था।
विनोद उर्फ भज्जी खुद अंडरवर्ल्ड की तर्ज पर अपराध की दुनिया में कदम रख चुका था और खुद को डॉन कहलवाना पसंद करता था। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर दूसरे गिरोह के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मूलरूप से एटा के मालावान निवासी राजाराम संजय सेक्टर-23 के एफ-ब्लॉक में रहते हैं। उनका बेटा विनोद उर्फ भज्जी (24) शनिवार सुबह करीब 11 बजे घर से बाइक से निकला था। दोपहर करीब 12 बजे वह राजनगर सेक्टर-7 में एएलटी फ्लाईओवर से आगे बढ़ा ही था कि रास्ते में अपाचे बाइक सवार दो युवकों ने रोका और उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं।
विनोद को अचेत करने के बाद हमलावर मौकेसे फरार हो गए। दिनदहाड़े युवक की हत्या की सूचना से पुलिस में हड़कंप मच गया। पुलिस विनोद को संयुक्त अस्पताल ले गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। सीओ द्वितीय आतिश कुमार सिंह, एसपी सिटी मनीष मिश्र व एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने अस्पताल पहुंच मृतक के परिजनों से जानकारी हासिल की।
शूटर्स ने चलाईं नौ गोलियां
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हत्यारों ने कुल नौ गोलियां चलाईं और फरार हो गए। मौकेसे भी नौ खोखे बरामद हुए। हालांकि, विनोद को चार गोलियां ही लगीं। एसएचओ कविनगर अनिल कुमार शाही ने बताया कि एक गोली विनोद की छाती, दूसरी गोली हाथ, तीसरी गोली माथे और चौथी गोली पेट में लगी।
पेशेवर अपराधी था, परिवार से अलग रहता था
एसपी सिटी मनीष मिश्र ने बताया कि पुराना अपराधी था। वह दो भाइयों में बड़ा था। आपराधिक प्रवृत्ति का होने के कारण वह परिवार से अलग रहता था। घर से निकलने के आधे घंटे बाद ही परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिल गई।
2016 में हुई हत्या से जुड़े तार, दूसरे गिरोह ने की वारदात
एसएचओ कविनगर ने बताया कि विनोद उर्फ भज्जी गांजा तस्कर राहुल केगैंग का सदस्य था। वर्ष 2016 में सिहानी गेट थाना क्षेत्र के पीले क्वाटर्स में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। उसमें राहुल जेल गया था। उस वक्त विनोद उर्फ भज्जी की बजाय गलती से उसका नाम सोनू प्रकाश में आया था। लेकिन, सोनू नाम तस्दीक न होने पर उसका नाम मुकदमे से निकल गया था।
जिस व्यक्ति की हत्या हुई थी, उसके गिरोह केलोग हत्याकांड में विनोद उर्फ भज्जी का हाथ भी मानते थे। वह विनोद की हत्या की फिराक में थे, लेकिन दो साल से विनोद जेल में बंद था। जेल से आने के दो माह बाद ही विनोद की हत्या कर दी गई।
दूसरे गैंग के तीन लोगों पर मुकदमा
एसएचओ ने बताया कि परिजनों की तरफ से राजू, अंकित व सोनू नागर को नामजद कर तहरीर दी गई है। तीनों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपी 2016 में मारे गए व्यक्ति के पक्ष के लोग हैं। हत्या की रंजिश में ही विनोद की हत्या की गई है। पुलिस का कहना है कि विनोद की जमानत में मदद करने वाले राहुल से भी पूछताछ की जाएगी। राहुल तीन दिन पहले ही कविनगर थाने से एनडीपीएस में जेल भेजा गया है।
दो दिन पहले चौकी बुलाकर दी थी नसीहत
पुलिस के मुताबिक जेल से आने के बाद भी विनोद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था। कविनगर पुलिस ने दो दिन पहले ही उसे चौकी में बुलाकर नसीहत दी थी। न सुधरने पर अंजाम भुगतने की बात चेतावनी भी दी गई थी। उस पर पुलिस की बातों का असर होता, इससे पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।
विनोद उर्फ भज्जी की गोली मारकर हत्या की गई है। उस पर 13 मुकदमे दर्ज थे। परिजनों ने दूसरे गैंग के तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखाया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई हैं। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।
- सुधीर कुमार सिंह, एसएसपी