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डॉक्टरों ने पेट में छोड़ा स्पंज, मिलेगा मुआवजा!

Sun, 11 May 2014 01:19 AM IST
Updated Sun, 11 May 2014 01:19 AM IST
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Doctors left spunge during operation

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से मरीज के पेट में सामान छूटने की खबर तो आती ही रहती है। ऐसी ही एक घटना एक महिला के साथ हुई जब डॉक्टरों ने आपरेशन करने के बाद उसके पेट में स्पंज छोड़ दिया।

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इस घटना से यही सवाल उठता है कि आखिर डॉक्टर ऐसी गलतियां क्यों करते हैं कि मरीज की जान को खतरा हो जाए। ऐसी लापरवाही करने का क्या कारण है।

महिला जिसके पेट में स्पंज छोड़ा गया था उसकी हालत गंभीर हो गई थी और उसे काफी तकलीफ भी सहनी पड़ी। डॉक्टरों की इस लापरवाही से उसकी जान भी जा सकती थी ऐसे में उसकी मौत का जिम्मेदार कौन होता।

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स्पंज से हुआ इंफेक्शन, निकला डेढ़ लीटर मवाद

Doctors left spunge during operation

बच्चे के जन्म के दौरान ऑपरेशन में डॉक्टरों ने लापरवाही बरतते हुए महिला के पेट में स्पंज का टुकड़ा छोड़ दिया। इससे उसका जीवन ही खतरे में पड़ गया।

ऑपरेशन करके उसके पेट से करीब डेढ़ लीटर मवाद निकाली गई। पीड़िता के अनुसार सितंबर 12 को बच्चे के जन्म के दौरान दोनों डॉक्टरों ने उसका ऑपरेशन किया।

घर आने के बाद उसके पेट में दर्द हुआ और उसी नर्सिंग होम में दिखाया गया तो डॉक्टरों ने कहा सब ठीक है। दूसरे अस्पताल में दिखाने पर पता चला कि पेट में स्पंज का टुकड़ा है जिससे पेट में गंभीर संक्रमण हो गया है।

मुआवजे की हकदार है याची

Doctors left spunge during operation

इस घटना के बाद पीड़िता ने उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज की। उसकी शिकायत पर सुनवाई करते हुए ईस्ट दिल्ली स्थित उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने डॉक्टरों को मुआवजा देने के निर्देश दिए।

फोरम के अध्यक्ष एमए जैदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने ऋषभ मेडिकल सेंटर, डॉ. एके जैन व डॉ. उषा जैन को निर्देश दिया कि वे याची कैलाश नगर निवासी स्वेता खंडेलवाल को मुआवजा अदा करें। फोरम ने फैसले में कहा कि सभी तथ्यों से स्पष्ट है, डॉक्टरों ने इलाज में गंभीर लापरवाही बरती है।

इलाज से महिला को चिकित्सा समस्या का सामना ही नहीं करना पड़ा, बल्कि उसका जीवन भी खतरे में पड़ गया। जिस प्रकार याची के शरीर में संक्रमण फैला उससे मौत हो सकती थी और 13 सितंबर 2012 को जन्मा बच्चा उसके प्यार व केयर से वंचित हो सकता था। ऐसे में वह मुआवजे की हकदार है।

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