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बड़ी उपलब्धि: दिल्ली में डॉक्टरों ने पेट से निकाला दुनिया का सबसे बड़ा ट्यूमर, आकार में था फुटबॉल के बराबर

Sat, 26 Apr 2025 06:58 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विकास कुमार Updated Sat, 26 Apr 2025 06:58 PM IST
सार

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि एड्रेनल ट्यूमर आकार में 18.2 x 13.5 सेमी का था। इसे रोबोटिक की मदद से न्यूनतम इनवेसिव तरीके से हटाया गया है। 

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Doctors at Safdarjung Hospital removed the world largest tumor from a woman stomach
36 साल की महिला एड्रेनल ट्यूमर से पीड़ित थी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी कर 36 वर्षीय महिला के पेट से फुटबॉल के आकार का ट्यूमर निकाला है। डॉक्टरों का दावा है कि यह दुनिया का सबसे बड़ा एड्रेनल ट्यूमर है। यह ट्यूमर पेट के अंदर इंफीरियर वेना कावा नस, लीवर और दांई किडनी से सटा था और इन सभी को प्रभावित कर रहा था। सर्जरी के बाद मरीज की हालत स्थिर है। उसे तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

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रोबोटिक की मदद से निकाला गया ट्यूमर
सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप बंसल ने बताया कि एड्रेनल ट्यूमर आकार में 18.2 x 13.5 सेमी का था। इसे रोबोटिक की मदद से न्यूनतम इनवेसिव तरीके से हटाया गया है। इस सर्जरी को यूरोलॉजी के रोबोटिक सर्जरी और रीनल ट्रांसप्लांट विभाग के प्रमुख व प्रोफेसर डॉ. पवन वासुदेवा ने डॉ. नीरज कुमार और डॉ. अविषेक मंडल के साथ मिलकर की। इसमें एनेस्थीसिया टीम में डॉ. सुशील, डॉ. भव्या और डॉ. मेघा भी शामिल थीं। इस सर्जरी में मरीज के पेट में कोई बड़ा चीरा लगाए बिना रोबोटिक मशीन की मदद से छोटा-छोटा चीरा लगाकर सर्जरी की गई। डॉक्टरों ने बताया कि एड्रेनल ग्लैंड दोनों किडनी के ऊपरी हिस्से में स्थित होती है। यह हार्मोन उत्पन्न करती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में मदद करती है।

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तीन घंटे चली मरीज की सर्जरी
डॉ. वासुदेव ने कहा कि सर्जरी करीब तीन घंटे चली। यह सर्जरी काफी जटिल थी। दा विंची रोबोट के 3डी विजन और रोबोटिक हाथों की मदद से इसे किया गया। इस ट्यूमर को बिना किसी जटिलता के पूरी तरह से हटाया जा सका। ऑपरेशन के बाद रिकवरी में कोई समस्या नहीं हुई और मरीज को तीन दिन में छुट्टी दे दी गई। उन्होंने कहा कि इस सर्जरी में छोटे कीहोल चीरे, सटीक काम, ऑपरेशन के बाद कम दर्द, ऑपरेशन के बाद जल्दी रिकवरी होती है। जबकि सामान्य तरीके से होने वाली सर्जरी में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा त्वचा पर चीरा लगाना पड़ता और इसके बाद पूरी तरह ठीक होने में कुछ सप्ताह लग सकते हैं।

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3डी विजन तकनीक से सटीकता से हुई सर्जरी
इस सर्जरी को सटीक बनाने के लिए 3 डी विजन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। 3डी विजन तकनीक से सर्जरी ज्यादा सटीक होती है। सर्जरी में बिना किसी जटिलता के ट्यूमर को पूरी तरह से हटाया जा सका।

मरीजों को होगा फायदा
डॉ. बंसल ने कहा कि इस सर्जरी के बाद सुविधाओं में सुधार होगा। सफदरजंग में मरीजों को रोबोटिक सर्जरी की अत्याधुनिक सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है। निजी अस्पतालों में इसके लिए भारी भरकम शुल्क चुकाना पड़ता है।

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