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अस्पताल में मरीज संग नाचने लगे डॉक्टर-नर्स, स्वास्थ्य मंत्री ने भी लगाए ठुमके

Fri, 18 Jan 2019 05:21 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राजेश सैनी Updated Fri, 18 Jan 2019 05:21 AM IST
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Doctor Nurse even health minister started dance with patient in GTB hospital at Delhi
satyendra jain dancing with doctors in hospital

पूर्वी दिल्ली के सबसे बड़े अस्पताल गुरु तेगबहादुर (जीटीबी) में गुरुवार को स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन सहित डॉक्टर और नर्सों ने मरीजों के साथ खूब ठुमके लगाए। बॉलीवुड के कई चर्चित गानों पर वार्ड में मरीजों के साथ नाचते हुए सत्येंद्र जैन काफी उत्सुक नजर आए। अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में उन्होंने नवजात शिशुओं को गोद में लेकर भी नाच-गान किया।      

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दरअसल देश के चिकित्सीय इतिहास में पहली बार एक सरकारी अस्पताल में विदेशों की तर्ज पर डांस थैरेपी होने की जानकारी सर्वप्रथम अमर उजाला ने दी, जिसे 16 जनवरी के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस खबर के बाद ही स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल में जाकर स्वयं डांस थैरेपी का हिस्सा बनने का फैसला लिया था।      
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मरीज और डॉक्टरों के लिए इस डांस को हैपीनेस पहल बताते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिल्ली के अस्पतालों में लगातार हमले-मारपीट की घटनाएं बढ़ रही हैं। लोगों में डॉक्टरों के प्रति विश्वास कम हो रहा है। साथ ही सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ डॉक्टरों और वहां के स्टॉफ को मानसिक तनाव दे रही है। इन्हीं सब कारणों से निपटने के लिए डांस थैरपी को जीटीबी अस्पताल में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया है। 
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उम्मीद है कि जल्द ही ये हैपीनेस डांस थैरेपी दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों के विभिन्न वार्डों में प्रतिदिन एक घंटे के लिए शुरू होगी। इतना ही नहीं मंत्री जैन ने राजधानी के निजी अस्पताल और नर्सिंग होम से भी इस तरह की थैरेपी अपने-अपने यहां शुरू करने की अपील की है, ताकि अस्पतालों में मरीजों को एक अच्छा वातावरण मिल सके। वहीं डॉक्टर, नर्स और मरीज आपस में मधुर संबंध रख सकें।
      
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुनील कुमार ने बताया कि कुछ समय पहले ब्राजील के एक अस्पताल ने इस तरह की थैरेपी का वीडियो जारी किया था। इस वीडियो पर तमाम विचार के बाद इसे जीटीबी अस्पताल में शुरू करने की मंजूरी ली गई। शुरुआत में अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड में जब इसे शुरू किया गया तो महिला मरीज और उनके तीमारदारों के लिए ये अजीब था। हर कोई आश्चर्य में था कि डॉक्टर व नर्स को नाचते देख, लेकिन धीरे धीरे इसमें उनकी सहभागिता होने लगी। 

इधर...डॉक्टर ने कहा, नहीं करेंगे डांस,  हैपीनेस डांस थैरेपी के पहले ही दिन विवाद  

Doctor Nurse even health minister started dance with patient in GTB hospital at Delhi
satyendra jain dancing with doctors in hospital

पूर्वी दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री ने बृहस्पतिवार को नाचते हुए हैपिनेस थैरेपी को शुरू किया, ,लेकिन शाम होने तक अस्पताल के ही डॉक्टरों ने इसका विरोध कर दिया। इनका कहना है कि वे वार्ड में खड़ा होकर डांस नहीं करेंगे। न ही इस योजना को अन्य अस्पतालों में लागू होने देंगे।

जीटीबी और दिल्ली के अन्य सरकारी अस्पतालों के रेजीडेंट डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह नाचने से अस्पताल का माहौल खराब होगा। अस्पताल सायलेंट जोन में आता है। हालांकि इन डॉक्टरों का कहना है कि इस थैरेपी के तहत योग, मेडिटेशन, डांस और हंसना शामिल है।

डांस को छोड़ अन्य सभी विकल्प वार्ड में मरीजों के लिए शुरू किए जा सकते हैं, लेकिन डॉक्टरों के लिए वार्ड में नाचना गलत है। डॉक्टर बनने के लिए एक विद्यार्थी को कई वर्षों का परिश्रम करना पड़ता है। वह मरीजों के इलाज करने के लिए डॉक्टर बनता है न कि दिल्ली सरकार के अनुसार अस्पताल में नाचने के लिए।  
   
वहीं रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) के अध्यक्ष डॉ. आनंद चोपड़ा का साफ कहना है कि डॉक्टरों पर मरीजों का वैसे ही बहुत दबाव रहता है। ऐसे में डॉक्टरों को नाचने के लिए कहा जाएगा तो उससे अस्पताल का माहौल खराब होगा। अस्पताल के एक और रेजीडेंट डॉक्टर ने कहा कि कोई भी डॉक्टर वार्ड में नहीं नाचेगा। रहा सवाल मरीजों के साथ मधुर संबंध स्थापित करने का, तो इसके लिए और भी कदम उठाए जा सकते हैं।      

दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल के एक डॉक्टर का कहना है कि आमतौर पर कोई भी डॉक्टर अस्पताल में मरीज से झगड़ा नहीं करता। न ही उसके तीमारदारों से मारपीट करता है। डॉक्टर का काम मरीजों की सेवा करना है। जीबी पंत व डीडीयू के रेजीडेंट डॉक्टरों ने भी इसका विरोध जताया है।

इनका कहना है कि जिस तरह से अस्पताल के कुछ अधिकारियों ने स्वास्थ्य मंत्री की नजर में आने के लिए तेज आवाज में गाने बजाए और डांस किया, वह बेहद शर्मनाक है। शीर्ष प्रशासनिक पद पर बैठे वरिष्ठ डॉक्टरों को ये शोभा नहीं देता। वीडियो में इनके चेहरे और ठुमके साफ नजर आ रहे हैं। 

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