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जिला अस्पताल में संविदाकर्मियों की भर्ती में घोटाला
रश्मि ओझा/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Wed, 24 Jun 2015 12:14 AM IST
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स्वास्थ्य विभाग में संविदाकर्मियों की नियुक्ति मानकों को ताक पर रखकर की जा रही है। प्रदेश के सभी जिलों से हटकर गाजियाबाद में पहली बार संविदाकर्मियों के चयन के लिए लिखित परीक्षा ली गई।
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इसमें प्रश्नपत्र से लेकर उत्तर पुस्तिका जांचने का काम भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही कर रहे हैं। उधर हेल्थ डिपार्टमेंट से लेकर जिला प्रशासन तक का इस नई व्यवस्था से अवगत नहीं कराया गया।
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गाजियाबाद में स्वास्थ्यकर्मियों की भर्ती के लिए पहली बार लिखित परीक्षा ली गई है। अन्य सभी जनपदों में चयन का तरीका अभ्यर्थियों के इंटरव्यू का अपनाया गया था, लेकिन प्रदेश का एकमात्र जनपद है गाजियाबाद जिसमें अभ्यर्थियों की लिखित परीक्षा ली गई है।
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इसके साथ ही प्रश्नपत्र भी सिर्फ अंग्रेजी में थे जिसकी शिकायत भी अभ्यर्थियों ने की थी। उनका कहना था कि यूपीपीसीएस की परीक्षा में भी प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी में देना अनिवार्य था, लेकिन इस परीक्षा में सिर्फ अंग्रेजी में प्रश्नपत्र दिया गया था।
इसके अलावा परीक्षा कक्ष, प्रश्नपत्र रखने का स्थान, उत्तर पुस्तिकाएं रखने के लिए लॉकर की व्यवस्था, कक्ष निरीक्षक, उत्तर पुस्तिकाएं कौन जांच रहा है इसके क्या मानक थे इसकी कोई जानकारी किसी को नहीं है।
गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग गाजियाबाद में 16 जून को लैब टेक्निशियन, स्टाफ नर्स, फार्मसिस्ट सहित लगभग 35 पदों के लिए परीक्षा ली गई थी।
इसका प्रश्नपत्र भी सीएमओ ने अपने स्तर से तैयार कराया था जो उनके पास ही रखा गया था। परीक्षार्थियों का कहना है कि अन्य परीक्षाओं में ओएमआर शीट होती है।
मगर इस परीक्षा में बहुविकल्पीय प्रश्नों के उत्तर उनके सामने ही टिक मार्क करना था। इसमें नेगेटिव मार्किंग की वजह से जिन प्रश्नों के उत्तर नहीं मालूम थे उनको खाली छोड़ देना था।