रात में लिया महिलाओं का इंटरव्यू
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गुड़गांव के नगीना और फिरोजपुर झिरका के विभिन्न गांवों में नए आंगनवाड़ी केंद्र खोलने और इसके लिए कार्यकर्ता व हेल्पर के लिए रात 10 बजे तक साक्षात्कार लेने से विवाद पैदा हो गया है। लोग साक्षात्कारों पर उंगली उठा रहे हैं।
कहा जा रहा है कि जब प्रशासनिक कार्य के लिए महिलाओं को 7 बजे के बाद नहीं बुलाया जा सकता है तो ऐसी क्या जरूरत थी कि महिला उम्मीदवारों का साक्षातकार देर रात तक लिया गया।
कस्बे के सुबेदार खान, बड़कली चौक के हनीफ, घागस के चौधरी दियाला आदि का कहना है कि यह महिला अधिकारों का उल्लंघन है।
रात 12 बजे के बाद घर पहुंची महिलाएं
महिलाएं बृहस्पतिवार को नूंह के मिनी सचिवालय से फारिग होकर रात 12 बजे के बाद अपने घर पहुंचीं। सचिवालय से नगीना व फिरोजपुर झिरका के कई गांव 50 किलोमीटर के फासले पर हैं।
इस प्रकार के साक्षात्कार सब डिविजन स्तर पर एसडीएम की कमेटी की देख रेख में शाम ढ़लने से पहले कराने चाहिए थे। देर रात आई कुछ महिला उम्मीदवारों का कहना है कि 9 बजे के बाद केवल एक मिनट में ही साक्षातकार लिए गए।
जबकि पिछले दिनों उम्मीदवारों से 15 से 20 मिनट तक साक्षात्कार लिया गया। देर रात लौटी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी लोग गुस्से में हैं। इस बारे में पूछ ने पर महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया।
मेवात के जिला उपायुक्त ने कहा कि आंगनवाडी वर्करों का साक्षात्कार देर तक चला इस बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। आमतौर पर कंडीडेट ज्यादा होने पर साक्षात्कार का समय एक दो घंटे बढ़ भी सकता है। इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।