फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   dispute on Chaudhary Charan Singh's bunglaw.

पूर्व प्रधानमंत्री की कोठी को लेकर उठा 'तूफान'

Wed, 10 Sep 2014 08:30 AM IST
Updated Wed, 10 Sep 2014 08:30 AM IST
विज्ञापन
dispute on Chaudhary Charan Singh's bunglaw.

अजित सिंह की 12 तुगलक रोड स्थित कोठी खाली कराने की सूचना पर चौधरी समर्थकों ने हंगामा किया। इस बीच राष्ट्रीय लोकदल के वरिष्ठ नेता ने जब किसानों की समस्या उठाने की कोशिश की तो समर्थकों ने कहा कि वे कोठी के लिए आए हैं न कि अपनी समस्याओं को लेकर।

विज्ञापन


पूर्व केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोकदल सुप्रीमो चौधरी अजित सिंह व उनके पुत्र जयंत चौधरी की लोकसभा चुनाव में हुई हार के बाद 12 तुगलक रोड कोठी को खाली करने का आदेश सीपीडब्ल्यूडी ने जारी किया है। यह कोठी खाली करने के लिए मंगलवार की डेडलाइन थी।
विज्ञापन


रात के समय पश्चिमी उत्तर प्रदेश खासकर बागपत, बड़ौत, मेरठ, मथुरा व अन्य जिलों के चौधरी समर्थकों को इसकी सूचना मिली तो हजारों की संख्या में सुबह ही लोग 12 तुगलक रोड कोठी पर पहुंच गए। सीपीडब्ल्यूडी की टीम और  दिल्ली पुलिस के अधिकारी जब फोर्स के साथ यहां कोठी खाली कराने के लिए पहुंचे तो समर्थकों ने नारे लगाने शुरू कर दिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पार्टी के महासचिव त्रिलोक त्यागी ने मौके पर पहुंचे अधिकारियों का बताया कि पितृ पक्ष खत्म होने के बाद कोठी खाली कर दी जाएगी। इसके बाद जमा हुए लोगों के बीच त्रिलोक त्यागी ने किसानों की समस्याओं व पर्ची को लेकर आंदोलन शुरू करने की बात की ही थी कि समर्थक भड़क गए। उन्होंने कहा कि 12 तुगलक रोड कोठी से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों का 35 वर्षों से भावनात्मक रिश्ता रहा है।

सियासत की नई इबादत बनेगी ये कोठी!

dispute on Chaudhary Charan Singh's bunglaw.

चौधरी चरण सिंह 1978 में इस कोठी में आए थे, प्रधानमंत्री बने तो भी यहीं रहे, वे नहीं रहे तो उनकी पत्नी गायत्री देवी के नाम कोठी रही, सांसद रहते हुए अजित सिंह के नाम यह अलॉट रही...जयंत चौधरी के पैदा होने का समारोह भी यहीं पर मना।

यह बताते हुए चौधरी समर्थकों के चेहरे पर गुस्सा झलकने लगता है। अचानक बने इस माहौल से लग रहा है कि राजनैतिक हाशिए पर खड़ी रालोद की सियासत का केंद्र 12 तुगलक रोड कोठी ही होगी।

दरअसल, चौधरी अजित सिंह व उनके पुत्र सहित राष्ट्रीय लोकदल के सभी उम्मीदवारों की लोकसभा चुनावों में करारी हार अब 12 तुगलक रोड कोठी सियासत का केंद्र बनेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों के चौधरी चरण सिंह से भावनात्मक रिश्ते की कई मिसाल कायम हैं। इस बार मसला उनके व उनके परिवार की दो पीढ़ियों से चले आ रहे घर से जुड़ा है।

फिर हो सक‌ता है बड़ा आंदोलन

dispute on Chaudhary Charan Singh's bunglaw.

चौधरी अजित सिंह के मंगलवार को कोठी पर न होने पर उनके बेटे जयंत ने लोगों को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन समर्थक नहीं माने। माना जा रहा है कि रालोद के रणनीतिकार राजनैतिक हाशिए पर आ चुके दल में कोठी के जरिए जान फूंकने की कोशिश में जुटे हैं।

इसी कड़ी में कई दिन पहले कोठी खाली कराने का नोटिस मिलने के बावजूद यह बात समर्थकों तक पहुंचाई गई कि कोठी खाली करने की मंगलवार को डेडलाइन है। रात को पहुंची इस सूचना के बाद सुबह हजारों की संख्या में लोग कोठी पर पहुंच गए।

अब समर्थकों के बीच कोठी को स्मारक बनाने का मुद्दा भी अन्य नेताओं के बीच से उठाया जा रहा है। ऐसे में संभव है कि कोठी खाली करने की अगली तारीख पर फिर से हजारों की संख्या में समर्थक यहां पहुंचे और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस पर आंदोलन भी खड़ा कर दिया जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed