बीजेपी में छिड़ी ‘सीएम इन वेटिंग’ की जंग
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बेशक ही इस समय लोकसभा चुनाव का खुमार देश पर चढ़ा हुआ है, लेकिन दिल्ली में भाजपा सहित अन्य दल आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गए हैं।
भाजपा में सीएम पद के उम्मीदवारों के नाम पर भी चर्चाएं जोर पकड़ने लगी है। हर्षवर्धन, विजय गोयल, विजय कुमार मल्होत्रा के बाद सीएम पद के उम्मीदवारों की सूची में एक से बढ़कर एक दिग्गज नाम सामने आ रहे हैं।
बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष नितिन गड़करी भी ट्विटर के जरिए सीएम की कुर्सी पर एक कैंडीडेट को इन और आउट कर रहे हैं।
केजरी के मुकाबले मजूबत दावेदार!
दिल्ली में बीजेपी के सीएम इन वेटिंग की लिस्ट में किरण बेदी का भी नाम सबसे ऊपर है। हालांकि नितिन गडकरी ट्वीट करके बेदी के नाम पर इंकार कर चुके हैं, लेकिन भाजपा का एक धड़ा आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मजबूत काट के रूप में बेदी को देख रहा है।
हालांकि मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला भाजपा की संसदीय बोर्ड को करना होता है। इसमें संघ की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
दरअसल, मैग्सेसे पुरस्कार विजेता अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी अन्ना आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर सक्रिय भागेदारी निभाते हुए अपनी नई पहचान बनाई थी। बाद में दोनों ने अलग-अलग राह पकड़ ली।
संघ को भी है दिल्ली की चिंता!
दिल्ली प्रदेश के भाजपा नेता इन दिनों अपने दल के प्रत्याशियों के समर्थन में लगी ड्यूटी दिल्ली से बाहर बजा रहे हैं, लेकिन पार्टी के रणनीतिकार निलंबित चल रही विधानसभा के लोकसभा चुनाव के भंग होने पर जल्द ही चुनाव की उम्मीद किए हुए हैं।
वैसे भी सुप्रीम कोर्ट में विधानसभा भंग करने का मामला पहुंच चुका है और बृहस्पतिवार को भाजपा को यह जवाब देना है कि वह सरकार बनाएगी या नहीं।
दो दिन पूर्व राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ ने कार्यकर्ताओं से लोकसभा चुनाव में बड़े मतों का विधानसभा क्षेत्रों के अनुसार नजरिया इसी रणनीति के तहत पूछा था।
क्यों डर रहे हैं केजरीवाल के विरोधी?
2013 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने 28 सीटें लेकर सबको चौंका दिया था। सबसे ज्यादा सीटें मिलने के बावजूद पूर्ण बहुमत न मिलने पर भाजपा के सरकार बनाने से इंकार पर केजरीवाल मुख्यमंत्री बने और 49 दिन की ‘आप’ की सरकार में कई राजनीतिक उतार चढ़ाव देखने को मिले।
लोकसभा चुनाव के दौरान भी ‘आप’ के प्रति दिखा जनसमर्थन अन्य दलों में बेचैनी पैदा किए हुए है। पिछले चुनाव में सीएम उम्मीदवार प्रोजेक्ट किए गए हर्षवर्धन को लोकसभा चुनाव में चांदनी चौक का उम्मीदवार बनाया गया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार अगर हर्षवर्धन संसद पहुंचते हैं तो उन्हें केंद्र की राजनीति में प्रवेश करना होगा। ऐसे में दिल्ली में बीजेपी के सीएम उम्मीदवार की खोज शुरू हो चुकी है।
कौन होगा हर्षवर्धन का उत्तराधिकारी?
हर्षवर्धन के बाद अब पार्टी का एक धड़ा किरण बेदी को दिल्ली की सीएम बनाने के लिए काफी गंभीर है। पिछले चुनाव में भी उनका नाम चर्चाओं में आया था।
दूसरी ओर विजय मल्होत्रा की लोकसभा चुनाव में सक्रियता से यह साबित हो रहा है कि वह भी दौड़ में शामिल हैं, जबकि पिछले चुनाव में विजय गोयल की जगह अंतिम समय में हर्षवर्धन को प्रोजेक्ट कर देने से गोयल के समर्थक उनका दावा कर रहे हैं।
प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता जगदीश मुखी का नाम भी सीएम उम्मीदवार के लिए चल रहा है। संभावना है कि पिछले चुनाव से सबक लेते हुए भाजपा लोकसभा चुनाव के ठीक बाद अपने सीएम उम्मीदवार की घोषणा कर देगी।