{"_id":"6ab1445ef53f15be3c04813c","slug":"discrepancy-in-sol-student-records-nationality-listed-as-nepali-delhi-ncr-news-c-340-1-del1004-155900-2026-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: एसओएल छात्रों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, राष्ट्रीयता नेपाली दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: एसओएल छात्रों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी, राष्ट्रीयता नेपाली दर्ज
विज्ञापन
तीसरे सेमेस्टर के छात्रों के पोर्टल पर भारतीय की जगह नेपाली दिख रही
क्रांतिकारी युवा संगठन ने डीयू कुलपति कार्यालय में ज्ञापन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के तीसरे सेमेस्टर के कई छात्रों के पोर्टल पर व्यक्तिगत विवरण में राष्ट्रीयता की गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी राष्ट्रीयता भारतीय के स्थान पर नेपाली दिखाई दे रही है। इसमें बदलाव के लिए छात्रों को एसओएल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामले को लेकर क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने कुलपति कार्यालय को ज्ञापन दिया है।
छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीयता जैसी संवेदनशील पहचान संबंधी जानकारी में गलती को तकनीकी त्रुटि मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि यही जानकारी अन्य रिकॉर्ड या डेटाबेस में भी दर्ज हो गई है, तो इसे व्यापक स्तर पर ठीक करने की जरूरत है।
केवाईएस दिल्ली स्टेट कमेटी सदस्य भीम कुमार ने कहा कि गलत विवरण को तत्काल संशोधित कर आधिकारिक रिकॉर्ड में सही जानकारी अपडेट की जाए और सुधार यूनिवर्सिटी और एसओएल के डेटाबेस में दिखाई दे। छात्रों ने रिकॉर्ड सुधार के साथ जांच और जवाबदेही तय करने की मांग भी की है। वहीं, एसओएल निदेशक प्रो. पायल मागो ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि कुछ गलतियां हो सकती हैं, उन्हें ठीक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्रांतिकारी युवा संगठन ने डीयू कुलपति कार्यालय में ज्ञापन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के तीसरे सेमेस्टर के कई छात्रों के पोर्टल पर व्यक्तिगत विवरण में राष्ट्रीयता की गंभीर गड़बड़ी सामने आई है। आधिकारिक रिकॉर्ड में उनकी राष्ट्रीयता भारतीय के स्थान पर नेपाली दिखाई दे रही है। इसमें बदलाव के लिए छात्रों को एसओएल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। मामले को लेकर क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने कुलपति कार्यालय को ज्ञापन दिया है।
छात्रों का कहना है कि राष्ट्रीयता जैसी संवेदनशील पहचान संबंधी जानकारी में गलती को तकनीकी त्रुटि मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यदि यही जानकारी अन्य रिकॉर्ड या डेटाबेस में भी दर्ज हो गई है, तो इसे व्यापक स्तर पर ठीक करने की जरूरत है।
विज्ञापन
केवाईएस दिल्ली स्टेट कमेटी सदस्य भीम कुमार ने कहा कि गलत विवरण को तत्काल संशोधित कर आधिकारिक रिकॉर्ड में सही जानकारी अपडेट की जाए और सुधार यूनिवर्सिटी और एसओएल के डेटाबेस में दिखाई दे। छात्रों ने रिकॉर्ड सुधार के साथ जांच और जवाबदेही तय करने की मांग भी की है। वहीं, एसओएल निदेशक प्रो. पायल मागो ने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि कुछ गलतियां हो सकती हैं, उन्हें ठीक कर दिया जाएगा।
विज्ञापन