किरायेदार ने नहीं किया था मकान मालकिन से रेप
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अभियोजन के मुताबिक प्रदीप कुमार ने 2007 में उसके घर में एक ऑफिस किराये पर लिया था। वह फरवरी 2009 में उसे अकेला पाकर घर में आया। उस समय पीड़िता को सिर दर्द हो रहा था। इसके बहाने आरोपी ने उसे कोई नशीला पदार्थ दे दिया जिससे वह बेहोश हो गई।
अगली सुबह जब पीड़िता को होश आया तो उसने खुद को नग्न अवस्था में पाया और उसे दुष्कर्म होने का अहसास हुआ। दुष्कर्म के सात दिन बाद आरोपी पीड़िता के घर आया और दुष्कर्म का वीडियो बनाने की बात कही। आरोपी ने उसे धमकी दी कि अगर दुष्कर्म बात उसने किसी से कही तो वह वीडियो इंटरनेट पर डाल देगा और उसके दामाद को दे देगा।
इस मामले में मकान मालकिन से दुष्कर्म के मामले में आरोपी किरायेदार को दिल्ली की एक विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोप मुक्त कर दिया है। पीड़िता का आरोप था कि किरायेदार ने उससे फरवरी 2009 में नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्ष किया था।
कोर्ट ने क्यों किया आरोप मुक्त
दुष्कर्म के पांच साल बाद जनवरी 2014 में इसकी रिपोर्ट द्वारका नॉर्थ थाने में दर्ज करवाई थी। पीड़िता का तर्क था कि उसने आरोपी की धमकी से डरकर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं करवाया था, जबकि पीड़िता खुद जिला पुलिस समिति की सदस्य रह चुकी है।
द्वारका जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वीरेंद्र भट ने पीड़िता की दलीलों को खारिज करते हुए आरोपी प्रदीप कुमार को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करने व धमकी देने के आरोपों से मुक्त कर दिया।
एएसजे भट ने 27 अक्तूबर के अपने फैसले में कहा कि पीड़िता का यह कहना कि उसने आरोपी की धमकी से डरकर एफआईआर दर्ज नहीं करवाई, स्वीकार करने योग्य नहीं है।
पीड़िता खुद जिला पुलिस समिति की सदस्य थीं और वह खुद आम लोगों की शिकायतें पुलिस तक पहुंचाती थीं। वह पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे संपर्क में थी और आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करवा सकती थी लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
पीड़िता के आरोपों को खारिज करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता जय सिंह यादव ने कहा कि पीड़िता और उनके मुवक्किल के बीच पालम कॉलोनी के एक प्लॉट को लेकर विवाद है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर कई दीवानी मुकदमे दायर कर रखे हैं।
पीड़िता पर किसी तरह का दबाव नहीं था और उसने सितंबर 2013 में भी उनके मुवक्किल के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इस एफआईआर में उसने दुष्कर्म का जिक्र नहीं किया। उसने अगले छह माह तक इंतजार किया और उसने ऐसा क्यों किया, इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।