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निजी कंपनी का निदेशक 1.20 करोड़ की ठगी में गिरफ्तार, मोटा मुनाफा देने का दिया था झांसा
Sat, 03 Aug 2019 08:54 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 03 Aug 2019 08:54 PM IST
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पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया
- फोटो : अमर उजाला
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कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर उसमें निवेश करने के नाम पर 1.20 करोड़ रुपये की ठगी के आरोप में दिल्ली की लक्ष्मी नगर थाना पुलिस ने निजी कंपनी के निदेशक को दबोचा है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान अमित सरूप (40) के रूप में हुई है।
वर्ष 2012 में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई लोगों से करीब 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए थे। इसके बाद आरोपी दफ्तर बंद कर फरार थे। पुलिस पिछले कई सालों से आरोपी की तलाश कर रही थी। कड़कडड़ूमा कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा भी घोषित किया हुआ था।
पुलिस ने कंपनी के खाते सील कर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि एक आरोपी प्रदीप सचदेवा को पुलिस अप्रैल 2019 में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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पुलिस उपायुक्त के मुताबिक दिल्ली निवासी रतन लाल बलानी व अन्य ने लक्ष्मी नगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। रतन ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2012 में अमित सरूप और प्रदीप सचदेवा ने अपनी कंपनी प्रीतिका फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उनसे ठगी की थी।
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वर्ष 2012 में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कई लोगों से करीब 1.20 करोड़ रुपये ठग लिए थे। इसके बाद आरोपी दफ्तर बंद कर फरार थे। पुलिस पिछले कई सालों से आरोपी की तलाश कर रही थी। कड़कडड़ूमा कोर्ट ने आरोपी को भगोड़ा भी घोषित किया हुआ था।
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पुलिस ने कंपनी के खाते सील कर आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है। जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि एक आरोपी प्रदीप सचदेवा को पुलिस अप्रैल 2019 में पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
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पुलिस उपायुक्त के मुताबिक दिल्ली निवासी रतन लाल बलानी व अन्य ने लक्ष्मी नगर थाने में ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। रतन ने पुलिस को बताया था कि वर्ष 2012 में अमित सरूप और प्रदीप सचदेवा ने अपनी कंपनी प्रीतिका फैशन्स प्राइवेट लिमिटेड की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर उनसे ठगी की थी।
आरोपियों ने बताया कि यदि कोई उनकी कंपनी की फ्रेंचाइजी लेकर निवेश करेगा तो वह उसे तगड़ा मुनाफा देंगे। रतन और उनकी रोहिणी निवासी रिश्तेदार नीता कुकरेजा (62) ने कंपनी में मोटी रकम निवेश कर दी।
रतन ने 20.01 लाख रुपये का निवेश किया। रतन ने सारी रकम कंपनी के एक्सिस बैंक के खाते में चेक के जरिये दी। आरोपियों ने शुरुआत में इनका भरोसा जीतने के लिए रतन को 3.34 लाख रुपये भी दिए।
लेकिन उसके बाद किसी भी निवेशक को कोई रकम नही दी गई। पीड़ितों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इस बीच आरोपी अपने ठिकाने बदलते रहे।
अदालत ने आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया। इस बीच पुलिस ने कंपनी के एक निदेशक प्रदीप सचदेवा को 12 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी अमित सरूप को पुलिस ने 29 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।
रतन ने 20.01 लाख रुपये का निवेश किया। रतन ने सारी रकम कंपनी के एक्सिस बैंक के खाते में चेक के जरिये दी। आरोपियों ने शुरुआत में इनका भरोसा जीतने के लिए रतन को 3.34 लाख रुपये भी दिए।
लेकिन उसके बाद किसी भी निवेशक को कोई रकम नही दी गई। पीड़ितों ने मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। इस बीच आरोपी अपने ठिकाने बदलते रहे।
अदालत ने आरोपियों को भगोड़ा घोषित कर दिया। इस बीच पुलिस ने कंपनी के एक निदेशक प्रदीप सचदेवा को 12 अप्रैल 2019 को गिरफ्तार कर लिया। दूसरे आरोपी अमित सरूप को पुलिस ने 29 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया।