{"_id":"57262f224f1c1b55035cd105","slug":"diesel-fuel-taxis-will-not-run-in-ncr-bearing-thousands","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीजल-पेट्रोल टैक्सी बैन के बाद मुसीबत में कंपनियां, नए विकल्प की तलाश शुरू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डीजल-पेट्रोल टैक्सी बैन के बाद मुसीबत में कंपनियां, नए विकल्प की तलाश शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 02 May 2016 08:00 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
नोएडा-गाजियाबाद में डीजल-पेट्रोल की टैक्सियों के हटने का सीधा असर रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों पर पड़ेगा। ऐसे लोग नौकरी के लिए टैक्सी या कैब से दिल्ली से नोएडा और गाजियाबाद आते हैं। टैक्सी-कैब कंपनियों की मानें तो उनका बिजनेस करीब 50 प्रतिशत प्रभावित हो गया है। अब वह दूसरे उपाय ढूंढ रही हैं।
विज्ञापन
दरअसल, नोएडा में डीजल की 8397 टैक्सियां रजिस्टर्ड हैं। वहीं नोएडा में रजिस्टर्ड पेट्रोल की 597 टैक्सी या कैब चलती हैं। इसके अलावा गाजियाबाद से डीजल की 3021 टैक्सी और पेट्रोल की 402 टैक्सी या कैब रजिस्टर्ड है। हालांकि इनमें से कई टैक्सी-कैब ऑल इंडिया परमिट पा चुकी हैं, जिन्हें छूट मिली है। बावजूद इसके डीजल-पेट्रोल वाली हजारों टैक्सी और कैब दिल्ली और दूसरे इलाकों से नोएडा और गाजियाबाद में आती हैं। इनके एकाएक सड़क से हटने का प्रभाव पड़ेगा।
विज्ञापन
नोएडा-गाजियाबाद में अलग-अलग कंपनियों में काम करने वाले हजारों लोग ऐसी टैक्सियों पर आश्रित हैं। अब इनको घर से लाने या ले जाने के लिए कंपनी कोई दूसरा उपाय ढूंढने में लगी है। लेकिन इसका साफ असर सोमवार को देखने को मिल सकता है।
विज्ञापन
इसके अलावा कैब और टैक्सी कंपनियां भी काफी परेशान हैं। सेक्टर-11 की स्पाइस कैब सर्विस के रोहित ने बताया कि ऐसी गाड़ियों के बंद होने से करीब 50 फीसदी बिजनेस प्रभावित हो गया है। उनका कहना है कि 11 गाड़ियां चलती थीं। इनमें से तीन सीएनजी और आठ डीजल-पेट्रोल की थी। यह सभी गाड़ियां अलग-अलग कंपनियों में लगी हुई थी।
इसी तरह से टैक्सी रेंटल नोएडा के संदीप का कहना है कि सोमवार को इसका खासा असर देखने को मिल सकता है। चूंकि ऐसी टैक्सी या कैब के सड़क से बाहर होने के बाद भी अभी तक कंपनियों ने दूसरी व्यवस्था नहीं की है। इस वजह से सोमवार को नौकरी के लिए आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो सकती है।
ऑल इंडिया परमिट वालों के साथ भी है पेंच
भूरे लाल कमेटी के निर्देशों के मुताबिक ऑल इंडिया परमिट पाये डीजल-पेट्रोल वाले वाहन केवल दिल्ली-एनसीआर को केंद्र में रखकर व्यापार नहीं कर सकते। उनके मुताबिक अगर कोई ऑल इंडिया परमिट वाहन है तो वह दिल्ली से सवारी उठाकर एनसीआर में नहीं छोड़ सकता। कुछ ऐसा ही एनसीआर से दिल्ली के मामले में भी है। इस वजह से ऐसे वाहन पहले ही एनसीआर के लोगों के लिए बेकार हो चुके हैं।
नोएडा में रजिस्टर्ड टैक्सी-कैब में से कइयों को ऑल इंडिया परमिट मिला है, जिन्हें एनसीआर में गाड़ी चलाने पर छूट मिली है। हालांकि परिवहन विभाग की ओर से अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान डीजल-पेट्रोल की टैक्सियों के चलते पाये जाने पर कार्रवाई होगी।
राजेश सिंह, एआरटीओ (प्रवर्तन)