{"_id":"efbfad5722dd8a436e7018b5b95cf117","slug":"did-not-read-the-letter-and-sat-investigation-of-ccsu-karnama-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीसीएसयू का कारनामाः पत्र पढ़ा नहीं और बैठा दी जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीसीएसयू का कारनामाः पत्र पढ़ा नहीं और बैठा दी जांच
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sun, 04 Jan 2015 04:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीसीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। रॉयल कालेज प्रशासन ने कुछ दिन पहले 13 छात्र-छात्राआें के एडमीशन कैंसल करने का पत्र यूनिवर्सिटी प्रशासन को भेजा था। यूनिवर्सिटी ने बिना पत्र पढ़े कॉलेज पर ही जांच बिठा दी है। अब कॉलेज प्रशासन 6 जनवरी को अपना पक्ष यूनिवर्सिटी प्रशासन के सामने रखेगा।
विज्ञापन
एनएच 24 स्थित रॉयल कॉलेज ने समाज कल्याण विभाग से मिले डाक्युमेंट के आधार पर 13 छात्र-छात्राओं के एडमीशन कैंसल करने का एक पत्र बीते 27 दिसंबर को सीसीएस यूनिवर्सिटी प्रशासन को भेजा था। कॉलेज की प्रिंसिपल डा. टीना गर्ग ने बताया कि लिस्ट में जिन छात्र-छात्राआें के नाम हैं उन्हाेंने स्कॉलरशिप के लिए दो कॉलेजाें में एडमीशन ले रखा है। यह एक फ्रॉड है। कॉलेज प्रशासन को समाज कल्याण विभाग से इन छात्रों के स्कॉलरशिप फार्म मिले थे। तब यह मामला पकड़ा गया। लिस्ट में प्रियंका भाटी, राजवती, पवनेश कुमारी, राधा, आदेश कुमारी, पद्मा रानी, बबली, आरती, संदेश कुमार, सरिता रानी, नीतू रानी और ज्योति रानी हैं। यह सभी बीबीए के स्टूडेंट्स हैं। उन्हाेंने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एडमीशन कैंसल करने के बजाए कॉलेज पर देरी से एडमीशन लेने का आरोप लगाते हुए जांच बिठा दी। यह एकतरफा कार्रवाई है। यूनिवर्सिटी को कॉलेज का भी पक्ष सुनना चाहिए था। अब कॉलेज प्रशासन 6 दिसंबर को सभी डाक्युमेंट प्रूफ यूनिवर्सिटी प्रशासन को देगा।
विज्ञापन