नामी कंपनी ने लगाए कैप्टन कूल पर गंभीर आरोप, कहा गुमराह कर रहे हैं धोनी
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मैक्स मोबाइल कंपनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान एमएस धोनी पर अदालत को गुमराह करने का आरोप लगाया है। कंपनी ने कहा कि अनुबंध खत्म होने के बाद अपना उत्पाद बेचने के लिए कभी भी धोनी के नाम का प्रयोग नहीं किया बल्कि वे अब जानबूझ कर अदालत को गुमराह कर भय पूर्ण परिस्थितियां पैदा कर रहे हैं।
धोनी उक्त कंपनी के ब्रांड एंबेसडर थे और उन्होंने आरोप लगाया है कि कंपनी अनुबंध खत्म होने के बावजूद अपना उत्पाद बेचने के लिए उसके नाम का प्रयोग कर रही है। धोनी ने कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
न्यायमूर्ति मनमोहन के समक्ष पेश जवाब में कंपनी के प्रबंध निदेशक अजय आर अग्रवाल ने कहा कि कंपनी ने 17 नवंबर 2014 के बाद से अपने उत्पाद बेचने के लिए कभी धोनी के नाम का इस्तेमाल नहीं किया है।
'धोनी पर भारी जुर्माना करते हुए खारिज की जाए याचिका'
उन्होंने कहा कि धोनी ने बिना कारण गलत आरोप लगाए हैं। ऐसे में धोनी पर भारी जुर्माना करते हुए उनकी याचिका खारिज की जाए। उन्होंने कहा कंपनी ने अपनी बेवसाइट व अन्य से धोनी का नाम हटा दिया था उसके बावजूद अवमानना याचिका का कोई औचित्य ही नहीं है।
धोनी के वकील गौरव मित्रा ने कहा था कि उनके मुवक्किल व कंपनी के बीच हुए समझौते की अवधि दिसंबर 2012 में समाप्त हो गई थी लेकिन मैक्स अब भी उनके नाम का इस्तेमाल कर रहा है। वहीं बकाया राशि का भी भुगतान नहीं किया गया।
वहीं अग्रवाल की ओर से पेश वकील संजीव भंडारी ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि क्रिकेटर धोनी के नाम पर कोई भी मोबाइल नहीं बेचा जा रहा।
उन्होंने कहा कि धोनी को मोबाइल कंपनी से समझौते के अनुसार कुछ शूटिंग करनी थी लेकिन वह अपना दायित्व निभाने में असफल रहे हैं। धोनी के अधिवक्ता ने इस मुद्दे पर अपना जवाब देने के लिए समय मांगा व अदालत ने सुनवाई 24 जनवरी 2017 तय कर दी।