देवांश मौत: CBI जांच की सिफारिश करेगी सरकार
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दिल्ली सरकार रेयान इंटरनेशनल स्कूल के छह साल के बच्चे देवांश की मौत की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश करेगी। ये बात दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कही है।
उन्होंने कहा, "हम उम्मीद करेंगे कि सीबीआई व्यापक जांच के बाद इस मामले को अंजाम तक ले जाएगी।" पुलिस जाँच में लापरवाही की बात तो दिख रही है। बच्चे के माता-पिता स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं लेकिन पुलिस के अधिकारी उनसे मिले तक नहीं है। यह जांच में पुलिस के असंवेदनशील रवैये को दिखाता है।"
पुलिस के मुताबिक शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर कोई बाहरी चोट का निशान नहीं था। लेकिन डीएम की रिपोर्ट में स्कूल की लापरवाही की बात कही गई है। वहीं दिव्यांश के माता-पिता पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हैं।
देवांश के पिता ने पुलिस से पूछे 25 सवाल
वसंतकुंज स्थित रेयान इंटरनेशनल स्कूल में वाटर टैंक में डूबने से मौत में देवांश (6) के पिता रामहेत मीणा ने दिल्ली पुलिस को खुला पत्र लिखकर 25 सवाल पूछे हैं। रामहेत का कहना है कि उसने बेटे के शव को देखा था।
उसके शरीर व प्राइवेट पार्ट पर चोट के निशान थे। किसी ने उसके बेटे के साथ कुछ गलत करने की कोशिश की है। उसके बाद उसकी हत्या कर दी गई।
प्रिंसिपल ने भी उसे चुप रहने के लिए धमकाया था। देवांश के पिता ने सीबीआई या फिर किसी अन्य एजेंसी से जांच कराने की मांग की है।
दूसरी इस मामले में शनिवार को भी पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली। सोमवार तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने की संभावना है। पुलिस तफ्तीश में ये बात सामने आई है कि स्कूल प्रशासन की ओर से लापरवाही बरती गई।
अगर स्कूल प्रशासन अलर्ट होता तो शायद देवांश आज जिंदा होता। एसडीएम की रिपोर्ट में भी यही कहा गया है। रामहेत मीणा ने पत्र में कहा कि सूचना मिलने पर जब वह स्पाइनल इंजरी अस्पताल पहुंचा तो वहां प्रिंसिपल ने उससे कहा कि चुप रहो। चुप रहने में ही तुम्हारी भलाई है।
कैसे हटाए 20-25 पत्थर
घटनास्थल को देखकर कहा जा सकता है कि उसके बेटे की मौत हादसा नहीं बल्कि उसकी हत्या की गई है। पत्र में पहला सवाल ये किया गया है कि उसका बेटा दस बजे से गायब था। उसने लंच नहीं किया था। लंच बॉक्स वाटर टैंक में मिला था।
क्लास में टीचर के होते हुए बच्चा कैसे बाहर चला गया। बच्चे को दो-तीन घंटे तलाशा गया उस समय पुलिस व अभिभावकों को सूचना क्यों नहीं दी गई। ऐसी जगह जहां घुटने के बल चलना पड़ता है।
पहुंचने के लिए अंधेरे कमरे में पानी के पाइप व कबाड़ को पार करके जाना पड़ता है वहां उसका बेटा कैसे पहुंच गया। बाकी कमरों को ताला लगाया गया था उस कमरे का ताला क्यों नहीं लगाया गया था।
लंच बॉक्स वाटर टैंक में कैसे चला गया। वाटर टैंक के ऊपर रखे 20-25 किलो के पत्थर को किसने हटाया। रामहेत मीणा का कहना है कि जब वह अस्पताल पहुंचा तो स्कूल प्रशासन के लोग अस्पताल से गायब हो गए।
पुलिस ने स्कूल के दो ऑफिसर को नोटिस भेजा
पत्र में रामहेत मीणा ने कई और सवाल किए हैं कि प्रिंसिपल ने मेरे बेटे को हाइपर एक्टिव (शरारती) होने का आरोप लगाया है कि जबकि स्कूल प्रशासन ने पहले कभी इसकी शिकायत नहीं की थी।
दिल्ली पुलिस ने रेयान इंटरनेशनल स्कूल के दो ऑफिसर को नोटिस भेजा है। नोटिस स्कूल के स्कूल मुख्य प्रशासक पिंटो और नॉर्थन जोन के हेड फ्रांसिक थॉमस को भेजा गया है।
शुक्रवार को नोटिस भेजकर स्कूल में सभी की ड्यूटी ऑफ चार्ज और अंडर ग्राउंड वाटर टैंक के बारे में जानकारी मांगी गई है। पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।