फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   devansh death case: court slaps homicide charge on ryan principal and staff in delhi

देवांश मौत मामला: रायन के प्रिंसिपल पर गैर इरादतन हत्या का आरोप, पिता बोले-दो साल तक किया संघर्ष

Wed, 01 Aug 2018 01:14 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Wed, 01 Aug 2018 01:14 PM IST
विज्ञापन
devansh death case: court slaps homicide charge on ryan principal and staff in delhi
देवांश - फोटो : अमर उजाला

जनवरी 2016 में दिल्ली के वसंत कुंज स्थित रायन इंटनेशनल स्कूल में 6 साल के देवांश की स्कूल के टैंक में गिरने से मौत हो गई थी। दो साल पुराने इस मामले में अब जाकर अदालत ने स्कूल के प्रिंसिपल और 5 अन्य स्टाफ के खिलाफ गैर इरादतन हत्या के मामले में आरोप तय किए हैं।

विज्ञापन


देवांश की मौत को दो साल भले ही हो गए हों लेकिन उसके माता-पिता ने हार नहीं मानी है। उन्होंने मामले की सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में भी अपील की है। यह उनके कड़े संघर्ष का ही नतीजा है कि जिस मामले से स्कूल प्रिंसिपल, स्टाफ और प्रशासन को अलग रखने की कोशिश गई उसमें कैसे कोर्ट ने ये फैसला सुनाया। 
विज्ञापन


गौरतलब है कि अदालत ने वसंत कुंज स्थित रायन इंटरनेशनल स्कूल के छात्र देवांश की मौत के मामले में स्कूल प्रशासक, प्रधानाचार्य व अन्य कर्मचारियों को प्रथम दृष्टया जिम्मेदार माना है। अदालत ने इन आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में आरोप तय किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद लापरवाही से मौत की धाराओं में चार्जशीट दाखिल की थी। अदालत ने केस के हालात व तथ्यों के मद्देनजर गैर इरादतन हत्याओं की धाराओं में आरोप तय किए हैं।

अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी

devansh death case: court slaps homicide charge on ryan principal and staff in delhi

पटियाला हाउस अदालत की महानगर दंडाधिकारी अंबिका सिंह ने स्कूल प्रशासक फ्रांसिस थॉमस, प्रधानाचार्य संध्या साबू, कक्षा अध्यापक मीनाक्षी कपूर, मेंटीनेंस इंचार्ज पूरन सिंह बिष्ट, माली राम नारायण, पंप ऑपरेटर योगेश कुमार को प्रथम दृष्टया गैर इरादतन हत्या का दोषी माना है।

कोर्ट ने आरोप तय करते हुए कहा कि इन आरोपियों पर इस धारा में मामला बनता है और मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्य हैं। इस धारा के तहत केस की अगली सुनवाई सत्र अदालत में चार अगस्त को होगी।

अदालत ने कहा इस मामले में प्रशासक व प्रधानाचार्य ने एक दूसरे पर हादसे की जिम्मेदारी डालने की कोशिश की लेकिन यह भी आरोपी इसके लिए जिम्मेदार हैं।

कक्षा अध्यापक भी अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रही और अन्य स्कूल कर्मचारी भी। आरोपी यह जानते थे कि वाटर टैंक में गिरने से बच्चे की मौत हो सकती है लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदारी नहीं निभाई। 

मामला वसंत कुंज स्थित रेयान इंटरनेशल स्कूल का है। स्कूल में पढ़ने वाला छह साल का देवांश 30 जनवरी 2016 को अपनी कक्षा से गायब हो गया था। दोपहर करीब एक बजे वह वाटर पंप में डूबा हुआ मिला था। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। 

परिवार के संघर्ष की कहानी पिता के शब्दों में

devansh death case: court slaps homicide charge on ryan principal and staff in delhi

अपने बेटे देवांश को न्याय दिलाने के लिए उसके पिता रामहित मीना ने दो साल तक कड़ा संघर्ष किया। कोर्ट के फैसले के बाद वो कहते हैं, 'हमने अदालत में इसलिए याचिका डाली थी क्योंकि कम से कम किसी को तो मेरे बेटे की मौत का जिम्मेदार ठहराया जाए। हालांकि हम अब भी ये मानते हैं कि इस मामले में सीबीआई जांच होनी चाहिए।'

देवांश के माता-पिता कोर्ट के इस फैसले को अपनी बड़ी जीत मानते हैं क्योंकि उनका मानना है कि स्कूल ने शुरू से ही प्रिंसिपल और स्कूल स्टाफ को इस मामले से बचाने की कोशिश की। उनका हमेशा प्रयास रहा कि प्रिंसिपल और स्कूल स्टाफ को कानूनी पचड़े में न पड़ना पड़े। अब कोर्ट के फैसले से ये दोषी करार हुए हैं।

लंबी लड़ाई के बाद कोर्ट से अपने हक में फैसला आने के बाद अब मीणा चाहते हैं कि स्कूल का लाइसेंस तब तक के लिए रद्द कर दिया जाए जब तक स्कूल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित न कर दे।

देवांश के पिता का कहना है कि जिस टैंक में गिरकर देवांश की मौत हुई थी वो अवैध था और यहां तक कि स्कूल बिल्डिंग का कंप्लीशन सर्टिफिकेट भी स्कूल के पास नहीं था। इसके बावजूद स्कूल के मालिकों और स्कूल प्रशासन को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया।

बेटे के बारे में पूछा था तो स्कूल ने करा दिया था चुप

devansh death case: court slaps homicide charge on ryan principal and staff in delhi
devansh death

पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक देवांश स्कूल के टैंक में  दोपहर 12.30 बजे गिरा था, लेकिन देवांश के माता-पिता को 1 बजकर 34 मिनट पर सूचना दी गई। इस पर देवांश के पिता का कहना है कि स्कूल ने उन्हें फोन किया और बताया कि यहां इमरजेंसी हो गई है और पिता के बार-बार पूछने पर भी उन्हें कुछ जानकारी नहीं दी गई।

मीणा याद करते हुए कहते हैं कि जिस महिला ने उन्हें फोन कर देवांश के बारे में बताया था जब वह उसे पूछ रहे थे कि उनका बेटा कहां है तब उसने उन्हें शांत रहने को कहा। इसके साथ ही उसने ये भी बोला कि यह उनके और उनके परिवार के लिए अच्छा होगा कि वो शांत ही रहें।

देवांश के पिता का कहना है कि स्कूल ने ये कहकर उनके बेटे की मौत को दबाने की कोशिश की कि उसे अटेंशन डेफिसिट हाइपर एक्टिविटी सिंड्रोम नाम की बीमारी थी। मीणा कहते हैं कि क्या ये अजीब नहीं है कि उन्होंने जो टैंक खुला रखा था उसमें गिरकर मेरे बेटे की मौत हुई और उसके लिए वो मेरे बेटे को ही जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। यह एक हत्या मामला है। देवांश का परिवार सीबीआई जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका डाल चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed