ओलिवर की हत्या के बावजूद भारत में नस्लवाद पर बोले अफ्रीकी राजदूत, दिया बड़ा संदेश
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आखिरकार तमाम अटकलों के बाद अफ्रीकी राजदूत ने अफ्रीका दिवस के कार्यक्रम का बहिष्कार नहीं किया। दरअसल सांस्कृति संबंधों से जुडी भारतीय संस्था आईसीसीआर द्वारा एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया था।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह की मौजूदगी में हाल ही में दिल्ली में हुई अफ्रीकी नागरिक ओलीवर की हत्या के दर्द को कम करने का प्रयास किया गया।हालांकि राजदूतों के भाषण का विषय भारत में अफ्रीकियों के खिलाफ 'पूर्वाग्रह और नस्लवाद' ही था।
घाना के राजदूत सैमुअल पी येले ने ओलिवर को याद कर एक बेहद मार्मिक टिप्पणी करते हुए एक कविता सुनाई। "धनवान और निर्भिक योद्धाओं की भूमि से होते हुए...मैं यहां क्यों हूं? ओह अफ्रीका...!! की आवाज सुनता हूं..।"
भारत में हो रही अफ्रीकी नागरिकों की हत्या पर जताई चिंता
उन्होंने कहा कि उस पल को याद कर लगता है कि ओलिवर एक अंतहीन दर्द के साथ सो गया। जबकि कई राजदूतों ने ट्रेड और डेवलेपमेंट के मुद्दों पर भी चर्चा की। नाइजीरिया के उच्चायुक्त सोलो एनीकनोलिये ने 'पूर्वाग्रह और नस्लवाद' जैसे मुद्दों को हटाने के लिए आईटी डिप्लोमेसी पर जोर दिया।
जोकि गैरसरकारी शेयरधारकों के बीच ज्यादा प्रचलित है। उन्होंने कहा कि वे अपने छात्रों की स्थिति और यहां अफ्रीकी लोगों के डर से अच्छी तरह वाकिफ हैं। ओलिवर की युवावस्था में हत्या की गई, पहले भी ऐसा ही बैंगलोर, हैदराबाद, गोवा और दिल्ली में भी हो चुका है।
अधिकारियों को ऐसे मुद्दों को लेकर ज्यादा सक्रिय रुख अपनाने और जिम्मेदारों लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने के जरूरत है। हमारे बीच भाईचारा इन मुद्दों के समाधान के बिना अधूरा है। उन्होंने अफ्रीकी देशों और भारत के बीच संगीत, फिल्म, चिकित्सा, पर्यटन और दूसरी जरूरत को बढ़ावा देने की बात कही।