फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   departmental stores and big stores are changing their policy in faridabad

डिपार्टमेंटल स्टोर और भंडार गृहों में दिखने लगा बदलाव 

Fri, 18 Nov 2016 12:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Fri, 18 Nov 2016 12:03 AM IST
सार

नगद से टूटा भरोसा अब प्लास्टिक मनी का सहारा
-डिपार्टमेंटल स्टोर और भंडार गृहों में दिखने लगा बदलाव
-छोटे दुकानदारों ने भी स्वाइप मशीनों पर दिया जोर

विज्ञापन
departmental stores and big stores are changing their policy in faridabad

विस्तार

बाजार में 1000 और 500 रुपये के नोट बंद होने से डिपार्टमेंटल स्टोर्स और भंडार गृहों में भी बदलाव दिखने लगा है। यहां लोग प्लास्टिक मनी से खरीदारी करने पहुंच रहे हैं। चार में से एक ग्राहक ही कैश लेकर आ रहा है। हजार से लेकर 50,000 रुपये तक की खरीदारी प्लास्टिक मनी से हो रही है।

विज्ञापन


छोटे नोट होते हुए भी लोग उन्हें खर्च नहीं करना चाह रहे हैं। ऐसे में बाजार कैशलेस होता जा रहा है। बीते पांच दिनों में छोटे से लेकर बड़े बाजारों की दुकानों में स्वाइप मशीन लगाने को प्राथमिकता दी गई है, ताकी कारोबार पर फर्क न पड़े।
विज्ञापन


बैंकों में भी स्वाइप मशीन को लेकर दुकानदारों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। पीएनबीए एसबीआइए बैंक ऑफ  बड़ौदा की कई शाखाओं में स्वैप मशीन के लिए करंट एकाउंट दुकानदारों ने खुलवाए हैं। नोट बदलने की आपाधापी के बीच बैंक इनके करंट अकाउंट खोल रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बैंक अधिकारियों की मानें तो रोजाना कम से कम 50 से 70 व्यापारी करंट अकाउंट खुलवा रहे हैं। अधिकांश ने प्लास्टिक मनी से बिल का भुगतान किया। लोगों ने राशन के अलावा अन्य सामान भी खरीदा। सेक्टर 10 स्थित पंतजलि स्टोर के प्रबंधक सुनील गोयल ने बताया कि स्वैप मशीन होने के कारण उन्हें दिक्कत नहीं आ रही है।

ग्राहक पहले की भांति कार्ड से ही पेमेंट किया। सेक्टर 64 स्थित गोविंद जनरल स्टोर के मालिक सोमदत्त ने बताया कि नोट बंदी होने के कारण काम आधा भी नहीं रह गया है। इसलिए स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया हे। ओम रिटेल बाजार के अंकुश गोयल ने बताया कि स्वाइप मशीन की अचानक डिमांड बढने से अब डिलीवरी में देरी हो रही है। 


उधार में दिया जा रहा सामान
कालोनियों एवं मुहल्लों में छोटी दुकानों पर उधार में सामान दिया जा रहा है। आदर्श नगर स्थित किराने की दुकान चलाने वाले राजीव ने बताया कि खुले रुपये नहीं होने के चलते राशन उधार दे रहे हैं। 15 से बीस दिन में अर्थ व्यवस्था ठीक हो जाएगी। लोगों की जेब में रुपये आ जाएंगे तब पैसे तो मिल ही जाएंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed