{"_id":"5f4c59278ebc3e19693fbdde","slug":"dental-patients-flee-from-hospitals-in-fear-of-corona","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के खौफ से दंत रोगियों ने किया अस्पताल से किनारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के खौफ से दंत रोगियों ने किया अस्पताल से किनारा
Mon, 31 Aug 2020 07:27 AM IST
दुष्यंत शर्मा
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 31 Aug 2020 07:27 AM IST
विज्ञापन
demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के चलते जहां दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट सभी अस्पतालों में कोविड मरीजों का उपचार चल रहा है। वहीं अन्य तरह की दिक्कतों से परेशान मरीज अस्पताल जाने में घबरा रहे हैं। कुछ ऐसा ही हाल दंत चिकित्सा को लेकर है जहां मरीज डेंटल चेयर तक पर बैठने से कतरा रहा है। आलम यह है कि देश की राजधानी में सरकारी दंत अस्पताल हो या निजी क्लिनिक।
विज्ञापन
दांतों की परेशानी को लेकर मरीज आने से कतरा रहा है। इसे लेकर अब विशेषज्ञ भी चिंता जता रहे हैं क्योंकि दांतों की बीमारी को नजरदांज करना बड़े खतरे को न्यौता देने से कम भी नहीं है। केंद्र सरकार के लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज के विभागाध्यक्ष डॉ. प्रवेश मेहरा का कहना है कि कोरोना काल में दांतों के मरीज और डॉक्टर दोनों ही हाईरिस्क में रहते हैं। बावजूद इसके डॉक्टर अपना फर्ज समझते हुए हर दिन अस्पताल आ रहे हैं। जबकि मरीजों की संख्या में भारी कमी देखने को मिल रही है। लॉकडाउन हटने के बाद भी बहुत ज्यादा बदलाव देखने को नहीं मिला है।
विज्ञापन
कुछ इसी तरह की जानकारी क्लोव डेंटल के मुख्य क्लीनिकल ऑफिसर लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. विमल अरोड़ा ने दी। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के पहले दिन से ही देश भर में फैले 350 क्लीनिक पर सुरक्षा के इंतजाम कराए गए थे। मरीजों की परेशानी को देखते हुए हर जोन में एक-एक क्लीनिक को खोला रखा। ताकि मरीजों को लाभ मिल सके।
विज्ञापन
वहीं लोकनायक अस्पताल के डॉ. देवेंद्र सिंह का कहना है कि कोरोना काल में दांतों की शिकायत लेकर वही मरीज अस्पताल आ रहा है जिसकी हालत काफी खराब है। आमतौर पर छोटी छोटी परेशानी लेकर मरीज अस्पताल आना नहीं चाहता जिसका नुकसान बाद में पता चलता है। इतना ही नहीं डॉ. ब्रिगेडियर एसके रॉय का कहना है कि हम खुद को पुन: स्थापित करने के लिए अनेक उपाय कर रहे हैं। टेलीडेंटिस्ट्री सेवा के जरिए घर बैठे मरीज को उपचार का लाभ देने का प्रयास भी किया जा रहा है।
दिल्ली एम्स के दंत विभाग के निदेशक डॉ. ओपी खरबंदा का कहना है कि कोरोना काल में ऑनलाइन चिकित्सा को महत्व मिला है। दिल्ली एम्स भी ऑनलाइन चिकित्सीय सलाह दे रहा है। हालांकि इस सेवा को और भी ज्यादा विस्तार देने और लोगों को इसके इस्तेमाल के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है।