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घने कोहरे की चादर मेें लिपटा दिल्ली-एनसीआर, कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार
Mon, 07 Dec 2020 09:38 AM IST
पूजा त्रिपाठी
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: पूजा त्रिपाठी
Updated Mon, 07 Dec 2020 09:38 AM IST
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घने कोहरे की चादर में लिपटा दिल्ली-एनसीआर
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली-एनसीआर की सुबह आज घने कोहरे के साथ हुई। कोहरा इतना घना था कि कुछ दूर भी देखना मुश्किल हो रहा था। वहीं दूसरी तरफ दिल्ली की हवा भी जहरीली हो गई है। कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार चला गया है।
एनसीआर में रविवार को लगातार तीसरे दिन घुटा दम
हवा की गति में बढ़ोतरी होने की वजह से रविवार को दिल्ली की आबोहवा में हल्का सुधार हुआ, लेकिन एनसीआर में शामिल गाजियाबाद और नोएडा का वातावरण लगातार तीसरे दिन भी दमघोंटू बना रहा। सीपीसीबी के मुताबिक, एनसीआर के पांचों शहरों की हवा में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 और पीएम10 तत्वों की मौजूदगी लगातार बेहद ज्यादा बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों ने हवा की गति लगातार बढ़ने के कारण अगले दो दिन में थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को हवा की धीमी गति के कारण स्थानीय स्तर पर पैदा हुए प्रदूषकों के जमा होने से दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 404 अंक की गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। रविवार को राष्ट्रीय राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 15 अंकों के सुधार के साथ 389 दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को एक्यूआई 348, बृहस्पतिवार को 341, बुधवार को 373, मंगलवार को 367, पिछले सोमवार को 318 और पिछले रविवार को 268 रहा था।
दिल्ली की हवा में पीएम2.5 और पीएम10 महीन धूल कणों के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को पीएम10 का स्तर 332 और पीएम2.5 का स्तर 201 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इससे एक दिन पहले यह स्तर 365 और 217 रहे थे।
इसके उलट राष्ट्रीय राजधानी के पड़ोसी शहरों गाजियाबाद (430 एक्यूआई) और नोएडा (404 एक्यूआई) में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बरकरार है, जबकि ग्रेटर नोएडा (396 एक्यूआई) और फरीदाबाद (392 एक्यूआई) भी गंभीर स्तर से बहुत नीचे नहीं है। गुरुग्राम का एक्यूआई 325 दर्ज किया गया।
प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी घटी
सफर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार पराली के धुएं की प्रदूषण में न के बराबर हिस्सेदारी दर्ज की जा रही है। रविवार को भी दिल्ली के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की केवल 167 घटनाएं ही दर्ज की गईं। इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 296 था। इसके चलते प्रदूषण में पराली जलाने की न के बराबर हिस्सेदारी रही है।
दिल्ली रहेगी गर्म, पहाड़ों पर होगी बर्फबारी
स्काईमेट वेदर के वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, 10 नवंबर तक दिल्ली का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। लेकिन ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों में भारी बर्फबारी होने के आसार हैं। इसका असर मैदानी भागों में शीत लहर के तौर पर दिखाई दे सकता है।
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एनसीआर में रविवार को लगातार तीसरे दिन घुटा दम
हवा की गति में बढ़ोतरी होने की वजह से रविवार को दिल्ली की आबोहवा में हल्का सुधार हुआ, लेकिन एनसीआर में शामिल गाजियाबाद और नोएडा का वातावरण लगातार तीसरे दिन भी दमघोंटू बना रहा। सीपीसीबी के मुताबिक, एनसीआर के पांचों शहरों की हवा में प्रदूषण के लिए जिम्मेदार पीएम 2.5 और पीएम10 तत्वों की मौजूदगी लगातार बेहद ज्यादा बनी हुई है। हालांकि विशेषज्ञों ने हवा की गति लगातार बढ़ने के कारण अगले दो दिन में थोड़ी राहत मिलने की संभावना जताई है।
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Delhi: A thick layer of fog engulfs the national capital; visuals from Dhaula Kuan. pic.twitter.com/MhIWQFRBG7
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 7, 2020
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शनिवार को हवा की धीमी गति के कारण स्थानीय स्तर पर पैदा हुए प्रदूषकों के जमा होने से दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 404 अंक की गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। रविवार को राष्ट्रीय राजधानी का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 15 अंकों के सुधार के साथ 389 दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को एक्यूआई 348, बृहस्पतिवार को 341, बुधवार को 373, मंगलवार को 367, पिछले सोमवार को 318 और पिछले रविवार को 268 रहा था।
दिल्ली की हवा में पीएम2.5 और पीएम10 महीन धूल कणों के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। रविवार को पीएम10 का स्तर 332 और पीएम2.5 का स्तर 201 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इससे एक दिन पहले यह स्तर 365 और 217 रहे थे।
इसके उलट राष्ट्रीय राजधानी के पड़ोसी शहरों गाजियाबाद (430 एक्यूआई) और नोएडा (404 एक्यूआई) में हवा की गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में बरकरार है, जबकि ग्रेटर नोएडा (396 एक्यूआई) और फरीदाबाद (392 एक्यूआई) भी गंभीर स्तर से बहुत नीचे नहीं है। गुरुग्राम का एक्यूआई 325 दर्ज किया गया।
प्रदूषण में पराली की हिस्सेदारी घटी
सफर के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से लगातार पराली के धुएं की प्रदूषण में न के बराबर हिस्सेदारी दर्ज की जा रही है। रविवार को भी दिल्ली के पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की केवल 167 घटनाएं ही दर्ज की गईं। इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 296 था। इसके चलते प्रदूषण में पराली जलाने की न के बराबर हिस्सेदारी रही है।
दिल्ली रहेगी गर्म, पहाड़ों पर होगी बर्फबारी
स्काईमेट वेदर के वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, 10 नवंबर तक दिल्ली का तापमान सामान्य से ज्यादा रहने की संभावना है। लेकिन ताजा पश्चिमी विक्षोभ के कारण जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों में भारी बर्फबारी होने के आसार हैं। इसका असर मैदानी भागों में शीत लहर के तौर पर दिखाई दे सकता है।