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युवक की मौत पर परिजनों ने नर्सों को पीटा

Sun, 02 Nov 2014 10:45 AM IST
Updated Sun, 02 Nov 2014 10:45 AM IST
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Dengue: young man death, family members sabotage doctors and nurses.

दिल्ली के एक अस्पताल में डेंगू से युवक की मौत से गुस्साए परिजनों ने इमरजेंसी में तोड़फोड़ की और डॉक्टरों व अन्य कर्मियों के साथ मारपीट की। एक नर्स को गंभीर हालत में एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अन्य कर्मियों को भी चोटें आई हैं।

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मारपीट के बाद गुस्साए डॉक्टर और अस्पताल का अन्य स्टाफ हड़ताल पर चला गया है। इससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई। दक्षिण जिला डीसीपी प्रेमनाथ ने बताया कि मरीज के तिमारदारों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने, तोड़फोड़ करने और मारपीट करने का मामला दर्ज कर लिया गया है। हालांकि  देर शाम तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया था।
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दक्षिणी दिल्ली स्थित दिल्ली सरकार के पंडित मदन मोहन मालवीय अस्पताल में शनिवार तड़के सतबड़ी निवासी डेंगू के मरीज लविश की मौत पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों ने इमरजेंसी समेत ऑपरेशन थियेटर में जमकर तोड़फोड़ की। करीब 4:15 बजे के बाद डॉक्टरों ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी।
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पीसीआर पहुंची, लेकिन तोड़फोड़ के दौरान पुलिसकर्मियों ने कुछ नहीं किया। स्थानीय थाना टीम भी पहुंची, लेकिन कोई मदद नहीं दी गई। डाक्टरों का कहना है कि स्टाफ समेत अन्य लोगों ने चौथी मंजिल स्थित ऑपरेशन थियेटर में जाकर अपनी जान बचाई। अस्पताल के स्टाफ की मांग है कि 24 घंटे सुरक्षा और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, वरना वे सुबह 9 से 5 बजे तक महज ओपीडी में ही जांच करेंगे।

परिजनों का गलत इंजेक्शन देने का आरोप

Dengue: young man death, family members sabotage doctors and nurses.

मृतक के पिता धर्मेंद्र ने आरोप लगाया है कि उचित देखरेख के अभाव में उनके बेटे की मौत हुई है, क्योंकि वे सफदरजंग या आरएमएल रेफर करने की मांग करते रहे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।

अगर समय रहते रेफर कर दिया गया होता तो उनके बेटे की जान बच सकती थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि गलत इंजेक्शन दिया गया, जिसके चलते तबीयत में हो रहे सुधार के दौरान प्लेटलेट्स कम होने से मौत हो गई।

इलाज करने देते तो बच सकती थी जान
इलाज करने वाले डॉक्टर डॉ. रहमत अली ने बताया कि तड़के 4 बजे के करीब जब मरीज की अचानक तबीयत खराब होने लगी तो ड्यूटी में तैनात नर्स ज्योति डॉक्टर को बुलाने के लिए दूसरे कमरे की ओर जाने लगी, लेकिन परिजनों ने उसे पकड़कर मारना शुरू कर दिया।

हंगामा, तोड़फोड़ और मारपीट से घबराने के चलते कोई भी डॉक्टर मरीज तक नहीं पहुंचा। सभी जान बचाने के लिए भाग गए। परिजन मरीज का इलाज करने देते तो जान बच सकती थी।

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