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चिकनगुनिया के साथ डेंगू का बढ़ रहा कहर, मरीजों की संख्या 125 पहुंची
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sun, 18 Sep 2016 10:17 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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जिले में बुखार, मलेरिया, डेंगू तथा चिकनगुनिया के मामले सिरदर्द बन रहे हैं। चिकनगुनिया के साथ शहर में डेंगू का कहर बढ़ता जा रहा है। शनिवार को डेंगू के तीन नए मामलों की पुष्टी हुई।
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जिसके बाद डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है, जबकि संभावित मरीजों की संख्या 125 का आंकड़ा पार कर गई है। वहीं, चिकनगुनिया के भी 85 संधिग्ध मामले अब तक सामने आए हैं। इनमें आठ मरीजों में चिकनगुनिया की पुष्टी हो चुकी है।
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सिविल अस्पताल की ओपीडी का आंकड़ा रोजाना 18 सौ से दो हजार तक पहुंच रहा है। इनमें रोजाना करीब 500 मरीज बुखार से पीड़ित पहुंच रहे हैं। अस्पताल के बेड फुल होने के कारण ओपीडी में प्राथमिक उपचार कर मरीजों को लौटाया जा रहा है, जबकि गंभीर मरीजों को दिल्ली रेफर किया जा रहा है।
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सिविल अस्पताल में एक बेड पर दो मरीजों को भर्ती करने की नौबत भी आ आ रही है। वहीं, शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ रही है। अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा मरीजों को भर्ती किया गया है।
कुछ अस्पतालों में वेटिंग रूम खाली परिसर में भी अस्थायी वार्ड बनाकर मरीजों को दाखिल किया गया है। निजी अस्पतालों से भी मरीजों को लौटाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक डेंगू के कंफर्म मामलों की संख्या 14 से बढ़कर 17 हो गई है।
मलेरिया के 72 मामले सामने अब तक कंफर्म पाए गए हैं। सिविल अस्पताल के पीएमओ डॉ. वीरेंद्र यादव का कहना है कि साधारण बुखार से पीड़ित मन में चिकनगुनिया व डेंगू का खौफ पाल रहे है, लेकिन अधिक से अधिक आराम व डॉक्टर के परामर्श से समस्या खत्म हो सकती है। बुखार पीड़ित गंभीर मरीजों के लिए अतिरिक्त बेड का इंतजाम कराया गया है।
कैशलेस की सुविधा बेकार
मेडिक्लेम देखकर मरीजों को भर्ती करने को आतुर रहने वाले निजी अस्पतालों से इन दिनों मरीजों को लौटाया जा रहा है। खाली बेड न होने का हवाला देकर मेडिक्लेम कार्ड दिखाने वाले मरीजों को भर्ती करने से अस्पताल कतरा रहे हैं।
ऐसा इसलिए, क्योंकि अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इसके साथ ही अस्पतालों के टीपीए डिपार्टमेंट की टेंशन भी बढ़ गई है। मरीजों को भर्ती कराने के बाद मेडिक्लेम कंपनी को सूचित करना, इसके बाद अप्रूवल का इंतजार करने जैसी लंबी प्रक्रिया में उलझने से बेहतर पैसा जमा करा इलाज कराने वाले मरीजों को प्राथमिकता दी जा रही है।
फॉगिंग के मामले में सुस्ती
एक तरफ फरीदाबाद में बुखार पीड़ितों का आंकड़ा बढ़ रहा है, तो वहीं नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग मच्छरों से निपटने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। शहर में लोगों को खुद के खर्च पर फॉगिंग करानी पड़ रही है।
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी ढूंढे से नहीं मिल रहे हैं। इसके अलावा जहां इस सीजन में फॉगिंग का कार्यक्रम बना हर क्षेत्र में दस्तक दी जाती थी, अब ऐसा नहीं किया जा रहा है।