कॉलेज स्टूडेंट्स बताएंगे कैशलेस का फायदा
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नोटबंदी के बाद से लोगों को हो रही परेशानियों और इसके हल के रूप में 'कैशलेस' योजना को कामयाब करने के लिए अब कॉलेज स्टूडेंट्स भी अहम जिम्मेदारी निभाएंगे।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय और कॉलेजों से करीब 2.5 लाख युवाओं को वालेंटियर्स के रूप में प्रशिक्षण देने का निर्णय है। प्रशिक्षित युवा गांवों में जाकर लोगों को कैशलेस सिस्टम की जानकारी देंगे। हर वॉलेंटियर्स को 10-10 परिवार को कैशलेस के लिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य दिया जाएगा।
कैशलेस ट्रांजेक्शन के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए मानव संसाधन मंत्रालय के निर्देश पर उच्चतर शिक्षा विभाग ने 'वित्तिय साक्षरता अभियान' शुरू किया है। विभाग की ओर से जारी निर्देश में कहा गया है कि सरकारी व निजी यूनिवर्सिटी में लगभग 11 लाख विद्यार्थी पढ़ते हैं।
अगर ये खुद कैश लेस ट्रांजेक्शन करें और पास के पांच गांव के लोगों को इसके लिए प्रशिक्षित करें, तो बहुत हद तक इस समस्या का समाधान हो जाएगा। इसलिए विभाग ने प्रदेश के 2.5 कॉलेज विद्यार्थियों को कैशलेस सिस्टम का उपयोग सिखाने के लिए तैयार करने का निर्णय लिया है।
सूत्रों के मुताबिक विभाग ने हाल ही पंचकूला में राज्य स्तर के मास्टर ट्रेनरों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण भी दे चुका है। यह मास्टर ट्रेनर अब जिला स्तर पर यूनिवर्सिटी व कॉलेजों के सहयोग से मास्टर ट्रेनर, कॉलेज प्राचार्यो और नोडल अधिकारियों को ट्रेनिंग देंगे। ट्रेनिंग कार्यक्रम 20 दिसंबर तक आयोजित किया जाएगा।
दो चरणों में चलेगा अभियान
योजना के मुताबिक दिसंबर माह से ही उच्चतर शिक्षा विभाग कॉलेज का करीब 50 हजार युवाओं को वालंटियर्स के तौर पर रजिस्ट्रेशन करने का लक्ष्य है। वित्तीय साक्षरता अभियान 12 दिसंबर 2016 से 12 जनवरी 2017 चलाया जाना है। इस अवधि में अधिक से अधिक वालंटियर्स का रजिस्ट्रेशन भारत सरकार की वेबसाइट पर कराया जाएगा। इसी तरह से जनवरी में एक लाख व फरवरी में एक लाख युवाओं को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य तय किया गया है।
गांव गोद लेकर सुलझाएंगे समस्या
अभियान में यूनिवर्सिटी व कॉलेज अपने आसपास के गांवों को गोद लेंगे। गोद लिए गांवों में युवा वालंटियर्स को कैशलेस की जानकारी देने के लिए भेजा जाएगा। प्रत्येक वॉलेंटियर्स को दस परिवार को कैशलेस की जानकारी देने का लक्ष्य दिया जाएगा। वॉलेंटियर्स गांव के परिवारों को सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं देंगे, बल्कि वे दोबारा भी जाकर देखेंगे कि उन परिवारों को कैशलेस सिस्टम का उपयोग करना आ रहा है या नहीं।
वाईएमसीए कैशलेस कैंपस बना
मोदी सरकार का कैशलेस अभियान काबिले तारीफ है। जिस तरह से दुनिया कैशलेस की तरफ बढ़ रही है। हमें भी पूरा सहयोग करना चाहिए। सर्वप्रथम हम वाईएमसीए को कैशलेस कैंपस घोषित कर चुके हैं।-प्रो. दिनेश अग्रवाल, कुलपति वाईएमसीए विश्वविद्यालय